Monthly Archives: February 2018





  • देश हमारा माला जैसा

    देश हमारा माला जैसा

    देश हमारा माला जैसा, राज्य है ज्यों मोती इसके, मोती मिलकर बनते माला, राज्य मिलें तो भारत प्यारा, जैसे माला में हों मोती, वैसे भारत में हैं राज्य, कुछ तो केंद्र शासित प्रदेश हैं, बाकी कहलाते...

  • चतुष्पदी

    चतुष्पदी

    भूल शहादत जाए वीरों की दो दिन में, घोटालों पर नियमित चार्चाएँ होती हैं। आँख दबाना न्यूज सुनो जी ब्रेकिंग हुई, ध्यान कहाँ जाता जब बेचारी रोती हैं।। पीयूष कुमार द्विवेदी ‘पूतू’

  • मन…

    मन…

    बहुत सोचता है मन क्या लिखे क्या न लिखे असमंजस के घेरे में मन में जन्म लेते कई सवाल!! कहीं अंतस में बहता भावनाओं का बांध टूट न जाए कहीं सम्वेदनाएँ रौंदी न जाए और अगर...

  • “गज़ल”

    “गज़ल”

    आयी जिसके हाथ में लाठी मालामाल है कुर्सी संग दिलवाली मीठी चतुर कमाल है नाचे गाए मन मुसकाए सुंदर सी काया आनी जानी दौलत काठी माया मलाल है॥ भरे चौराहे शोर मचा तू चोर मैं सच्चा...

  • “नैना की ससुराल”

    “नैना की ससुराल”

    नैना नाम है इस गिलहरी का जो पैदा तो बड़े से जंगल के किनारे की झाड़ियों में हुई और फुदकना भी वहीं सीखा। अपने माँ-बाप और भाई- बहन के साथ वह जंगली फलों का भरपूर स्वाद...

  • वीर रस, “मनहर घनाक्षरी”

    वीर रस, “मनहर घनाक्षरी”

    मन में चाह जगाइए देश हो खुशहाल सीमा चौकी वीर जवान सदा रहे निहाल। कहीं से कोई बैरी गैरी नहिं आए छिनाल हनो तमाचा सूजे चीचुका उसका गाल।। आया था जो घेरने माँ भारती की सीमा...