रंगों और खुशियों के त्योहार

होली रंगों का त्योहार, होली खुशियों का त्योहार,
इस दिन होती रंगों के संग, प्रेम की शुभ बौछार,
होली रंगों का त्योहार.

भारत में अनेक धर्मो व संप्रदाय के लोग निवास करते हैं. सभी की अपनी-अपनी मान्यताएं, रहन-सहन व वेश-भूषाएं हैं. सभी के त्योहार भी भिन्न हैं. अत: देश में हर मास किसी न किसी धर्म से संबधित त्योहार आते ही रहते हैं. होली का त्योहार हिंदुओं का एक प्रमुख त्योहार है, जो हर वर्ष हिंदू तिथि के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है.

भारत में रंगों के त्योहार को होली कहते हैं. होली को देश के भिन्न-भिन्न भागों में अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है. धमतरी जिले के सेमरा गांव में एक सप्ताह पहले बरस जाते हैं होली के रंग और गुलाल, छन जाती है भंग. इस गांव में काफी जमाने से चार प्रमुख त्योहार हफ्ते भर पहले ही मना लेते हैं। ये त्योहार हैं- होली, पोला, हरेली और दिवाली.

 

स्पेन दुनिया का एक ऐसा देश है जहां रंग के बजाय टमाटर से होली खेली जाती है. ‘ला टोमाटीना’ नामक इस त्योहार का धर्म से कोई सरोकार नहीं है और न ही इसका प्राचीन इतिहास है. यह उत्सव 1945 से शुरु हुआ और धीरे-धीरे पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो गया.

 

स्पेन में होने वाले टोमेटिना फेस्ट की तर्ज पर शहर में टमाटर वाली होली टोमैटो फेस्ट आयोजित किया गया. रविवार को वंडरलैंड वाटर पार्क में आयोजित इस कार्यक्रम में शहर के सैकड़ों यंगस्टर्स और फैमिली मेंबर्स ने 12 हजार किलो टमाटर और 400 किलो नेचुरल कलर्स से होली खेली. डीजे की हाई म्यूजिकल बीट्स और नगाड़े की थाप पर यंगस्टर्स ने जमकर डांस किया. 94.3 माय एफएम के सहयोग से शौकीन कम्यूनिटी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में रेन डांस पर घंटों तक युवा थिरकते रहे.

 

रंगों के त्योहार को केवल भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी काफी धूमधाम से मनाई जाती है. अमेरिका से लेकर इंग्लैंड तक हर जगह रंगों के इस त्यौहार को लोगों काफी उत्साह के साथ मनाते हैं.

अमेरिका में होली का त्योहार हैलोइन नाम से प्रतिवर्ष 31 अक्तूबर की रात को मनाया जाता है. इस दिन सूर्य पूजा की जाती है. इसे होबो कहते हैं. 31 अक्टूबर की रात में मनाए जाने वाले इस त्योहार में जो लोग सबसे ज्यादा हुड़दंग करते हैं उन्हें इनाम दिया जाता है.

एशिया के थाईलैंड, म्यांमार, कम्बोडिया और लाओस में होली से मिलता-जुलता एक पर्व मनाया जाता है, जिसे वाटर फेस्टीवल कहा जाता है, यह त्योहार सूर्य के मेष राशि में प्रवेश और उनकी मान्यताओं के अनुसार नववर्ष के आगमन पर मनाया जाता है.

थाईलैंड में इस नाम से त्योहार प्राय: 13 से 15 अप्रैल तक मनाया जाता है. इसमें लोग एक-दूसरे पर पानी डालते हैं. एशिया में अप्रैल की गर्मी में पानी की बौछार लोगों को राहत देती है. पानी की बौछार डालने का तरीका काफी हद तक भारत में रंगों की बौछार से मिलता-जुलता है.

म्यामांर में जल उत्सव मेकांग के नाम से त्योहार मनाया जाता है. इसे थिंगयान भी कहते हैं। म्यामांर के नववर्ष के अवसर पर मनाए जाने वाले इस त्योहार में देश के सभी लोग भाग लेते हैं. लोग एक-दूसरे पर रंग और पानी की बौछार करते हैं.

कंबोडिया में नव वर्ष के अवसर पर जल फेंकने का त्योहार चाउन चानम थेमी और लाओस में पियामी के नाम से मनाया जाता है.

अप्रैल के महीने में रोम में ‘साटर’ नाम का एक त्योहार मनाया जाता है, जो होली की तरह होता है. जैसे अपने यहां कहते हैं होली में वैर भाव मिटाकर सभी गले मिल जाते हैं, उसी तरह यहां भी साटर के मौके पर न कोई मालिक होता है न कोई गुलाम. नौकरी करने वाले लोग भी अपने मालिक का खुलकर मजाक उड़ते हैं, कोई बुरा नहीं मानता.

‘चीन’ में इस लोकप्रिय पर्व को ‘चवेजा दिवस’ कहा जाता है, जो एक पखवाड़े तक लोगों में रंग डालकर खुशी देता है. यह त्योहार बसंत ऋतु के तुरंत बाद शुरू हो जाता है, जिसमें चीनी लोग बढ़-चढ़कर भाग लेते है.

उगते सूरज के देश जापान में इस त्‍योहार को नई उपज के स्‍वागत के तौर पर मनाया जाता है. जापानी लोग भी इस त्‍योहार में खूब नाचते-गाते और हंसी मजाक से वातावरण को मनमोहक और आकर्षित बना देते हैं.

आइए हम भी रंगों और खुशियों के इस त्योहार पर खूब रंग लगाएं. रंग प्रेम-प्यार के, रंग आनंद-आभार के, रंग ऐसे जो प्रदूषण-मुक्त हों, खुशियों से युक्त हों. आप सबको होली की हार्दिक शुभकामनाएं.

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।