कविता

पल-पल

पल-पल की तू क्यों  बात करता है रे मन
पलभर में ये पल अभी बदल जायेगा
पल भर की ख़बर न होगी फिर तुझे
 पलभर में समा ये अभी बदल जायेगा
पल पल को रोक लो एक पल के लिए
पल का फिर पता नहीं किधर जायेगा
पल है तो पलभर को जी लेंगे हम
पल न हो तो ये मेहमां किधर जायेगा
पलभर का ये पल है दो पल के लिए
पलभर में ये जहाँ भी बिखर जायेगा
पल दो पल को याद रखेंगे हम तुझे
पल दो पल में न जानें किधर जायेगा
डॉ माधवी कुलश्रेष्ठ 

डॉ. माधवी कुलश्रेष्ठ

पिता का नाम स्व . श्री हरेंद्र पाल कुलश्रेष्ठ पति का नाम श्री अरविन्द कुलश्रेष्ठ वर्तमान पता सी -14 न्यू आगरा फोन न . 9412426559 8218644036 ;8193909436 शिक्षा . एम॰ ए एम .एड पी .एच डी . (हिन्दी ..मनोविज्ञान इतिहास और संगीत गायन ) व्यवसाय - प्रधानाचार्य काव्य कलश सम्मान , भाव-भूषण सम्मान , और भी कई शाखाओं में उच्च पदों पर रहकर समाज सेवा कर रही हूँ लेखन कार्य भी करती हूँ । साझा संकलन भी छप चुके हैो