Monthly Archives: February 2018

  • विज्ञान-बाला

    विज्ञान-बाला

    आज हर्षिता के हर्ष का ठिकाना नहीं था. वह अतीत की स्मृतियों में खो गई. हर्षिता न तो आईटी कंपनी की इंजिनियर है और न ही अधिक पढ़ी-लिखी बाला, लेकिन छोटी-सी उम्र में प्रतिभा में वह...

  • “पिरामिड”

    “पिरामिड”

    ये चित्र चमक रंग अंग नभ दर्शन दृश्य आकर्षण सोलह शृंगार है॥-1 ये धुन मल्हार ऋतुराज दमक साज खटके किवाड़ बसंत बहार है॥-2 महातम मिश्र, गौतम गोरखपुरी




  • होली आई (बाल गीत)

    होली आई (बाल गीत)

    होली आई, होली आई, अपने साथ खुशी है लाई, खूब गुलाल उड़ेगा अब तो, पिचकारी में रंग भर लाई. आज करेंगे खूब रंगाई, होली आई है मनभाई, घर-घर से आवाज है आई, होली आई, होली आई.


  • पल-पल

    पल-पल

    पल-पल की तू क्यों  बात करता है रे मन पलभर में ये पल अभी बदल जायेगा पल भर की ख़बर न होगी फिर तुझे  पलभर में समा ये अभी बदल जायेगा पल पल को रोक लो...

  • “गीतिका”

    “गीतिका”

    कहाँ किसी से कहा कहीं है नहीं किसी की जुबा सही है अधर अधर को चखा रहें है न दूध प्याली जहाँ दही है॥ मधुर अगन पर पका रहे हैं जमी कढ़ीं को हिला रही है॥...

  • “एक यह सियार है”

    “एक यह सियार है”

    नम्रता को सरकारी नौकरी मिली तो परिवार खुशियों से झूम उठा। स्वाभाविक है नम्रता के अरमान फलने फूलने लगे और वह अपने हर कर्म को और भी लगन से करने लगी। कार्यालय में मित्र और उसके...