समाचार

दीक्षांत समारोह

28 जनवरी, आबूरोड, शांतिवन में अन्नामलाई विश्वविद्यालय द्वारा दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें देश के सभी राज्यों के विद्यर्थियों को डिग्री देकर सम्मानित किया गया। लखनऊ की निवेदिता श्रीवास्तव को परास्नातक (मूल्य व आध्यात्मिकता) की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण करने हेतु डिग्री देकर सम्मानित किया गया।

बाल कविता शिशुगीत

आओ बूझें एक पहेली

बच्चो बूझो एक पहेली, नाम बता दो उनका जो थे, नाम बड़ा और कद के छोटे, यही हमारी नई पहेली. आओ बूझें एक पहेली, लाल बहादुर नाम था उनका, शास्त्री जी वो कहलाते थे, यही हमारी सही पहेली. लाल का मतलब? लाल रंग है प्रेम का सूचक, सचमुच प्रेम के सूचक थे वे, देश-प्रेम में […]

गीतिका/ग़ज़ल

” —————————— या फिर ऐक अदा है ” !!

  मुस्काना है सहज तुम्हारा , या फिर एक अदा है ! हौले से लहरा जाना है , या फिर एक अदा है !! खूब हवा संग बातें होती , नख़रे हवा हवाई ! अँखियों का टकरा जाना है , या फिर एक अदा है !! अधरों पर देखी अगवानी , लज़्ज़ा के डोरे भी […]

कविता

सरहद कोई लकीर नहीं

सरहद कोई लकीर नहीं है हर दुश्मनी का आगाज़। जहाँ खिंच जाती है यह बन जाती है वहाँ दीवार। दो मुल्कों की दोस्ती को बना देती है बेजान। खून के मीठे रिश्तों को भी चखा देती है नीम का स्वाद। भाईचारे के संदेश को भी चटा देती है यह धूल। इसीलिए… सरहद कोई लकीर नहीं […]

कविता

“कुंडलिया”

रानी बैठी रूपिणी, लेकर पींछी साज बादल को रँगने चली, मानों घर का राज मानों घर का राज, नाज रंगों पर करती नित नूतन सुविचार, आकृति उलझी रहती कह गौतम कविराय, यौवना प्यासी पानी दिल के जीते जीत, जीत दिल हारी रानी॥ महातम मिश्र, गौतम गोरखपुरी

कविता ब्लॉग/परिचर्चा

सदाबहार काव्यालय-49

कविता   संघर्ष क्या है?   संघर्ष क्या है? संघर्ष जीवन है जो जीवन को जीवंत बने रहने में सहायक होता है.       संघर्ष है एक परख जिससे विपत्ति से उबरने की प्रेरणा मिलती है.       संघर्ष है एक कसौटी जो प्रतिकूल परिस्थितियों में कसकर खरा सोना बना देती है.   […]

लघुकथा

ज़िंदगी रुकती नहीं है

न तो ज़िंदगी रुकती है और न ही साहसी राही. उसकी ज़िंदगी भी रुकी नहीं, अपनी चाल से चलती गई. छोटी-सी बच्ची से वह किशोरी और किशोरी से नवयुवती हुई वह कब यौवन की दहलीज़ को पार कर जीवन के उस कगार पर आ पहुंची, जिसे अधेड़ उम्र की संज्ञा दी जाती है, उसे पता […]