Monthly Archives: February 2018

  • गज़ल

    गज़ल

    सच की राह पर हम चल रहे हैं जलने वाले तो बस जल रहे हैं रहे गाफिल तो डस लेंगे ये झट से सांप आस्तीनों में जो पल रहे हैं सिखाएँगे वो अब हमको अकीदत रूसवा...

  • दीक्षांत समारोह

    दीक्षांत समारोह

    28 जनवरी, आबूरोड, शांतिवन में अन्नामलाई विश्वविद्यालय द्वारा दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें देश के सभी राज्यों के विद्यर्थियों को डिग्री देकर सम्मानित किया गया। लखनऊ की निवेदिता श्रीवास्तव को परास्नातक (मूल्य व...

  • आओ बूझें एक पहेली

    आओ बूझें एक पहेली

    बच्चो बूझो एक पहेली, नाम बता दो उनका जो थे, नाम बड़ा और कद के छोटे, यही हमारी नई पहेली. आओ बूझें एक पहेली, लाल बहादुर नाम था उनका, शास्त्री जी वो कहलाते थे, यही हमारी...


  • सरहद कोई लकीर नहीं

    सरहद कोई लकीर नहीं

    सरहद कोई लकीर नहीं है हर दुश्मनी का आगाज़। जहाँ खिंच जाती है यह बन जाती है वहाँ दीवार। दो मुल्कों की दोस्ती को बना देती है बेजान। खून के मीठे रिश्तों को भी चखा देती...

  • “कुंडलिया”

    “कुंडलिया”

    रानी बैठी रूपिणी, लेकर पींछी साज बादल को रँगने चली, मानों घर का राज मानों घर का राज, नाज रंगों पर करती नित नूतन सुविचार, आकृति उलझी रहती कह गौतम कविराय, यौवना प्यासी पानी दिल के...

  • सदाबहार काव्यालय-49

    सदाबहार काव्यालय-49

    कविता   संघर्ष क्या है?   संघर्ष क्या है? संघर्ष जीवन है जो जीवन को जीवंत बने रहने में सहायक होता है.       संघर्ष है एक परख जिससे विपत्ति से उबरने की प्रेरणा मिलती...

  • ज़िंदगी रुकती नहीं है

    ज़िंदगी रुकती नहीं है

    न तो ज़िंदगी रुकती है और न ही साहसी राही. उसकी ज़िंदगी भी रुकी नहीं, अपनी चाल से चलती गई. छोटी-सी बच्ची से वह किशोरी और किशोरी से नवयुवती हुई वह कब यौवन की दहलीज़ को...