Monthly Archives: March 2018


  • दो हनुमान भजन

    दो हनुमान भजन

    हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर विशेष   भजन-1 (तर्ज़- तारा है सारा जमाना श्याम हमको भी तारो——) तुम हो परम हितकारी, हनुमत जय-जय तुम्हारी महिमा है तेरी निराली, हनुमत जय-जय तुम्हारी- 1.तुम हो हनुमत गुण...

  • पीर

    पीर

    झूठी शान अब हमसे दिखाई नहीं जाती, ये दुनियादारी की रस्में निभाई नहीं जाती । मत डाल इतना बोझ इन कंधो पर खुदा, ये जिम्मेदारियां मुझसे उठाई नहीं जाती । झूठे चेहरे, जज्बात लिए फिरते है...

  • बोझ

    बोझ

    ”मैं 13 साल की बच्ची नंदिता हूं, स्कूल बैग के बोझ तले पूरी तरह दबी हुई.” ”क्या कहा आपने? स्कूल बैग के बोझ भी कोई बोझ होता है?” ”सच है, आप मेरी पीड़ा महसूस कैसे कर...

  • मानव बनकर दिखलाएं हम

    मानव बनकर दिखलाएं हम

    (तर्ज़- वह शक्ति हमें दो दयानिधे कर्त्तव्य मार्ग पर डट जाएं——)   हैं मानव तेरी दुनिया के, मानव बनकर दिखलाएं हम ऐसा वर दो हे नाथ हमें, जग हेतु कुछ कर पाएं हम- हम सरिता हैं...


  • शराबबंदी

    शराबबंदी

    घर बन गया मन मंदिर बन गया, शराबबंदी से मेरा संसार बस गया। आता था पिके मारता था हमें दुनियां के भीड़ से डराता था हमें मदिरा एक सामाजिक कलंक बन गया, शराबबंदी …………… मदिरा से...


  • आल्हा उत्तर प्रदेश का

    आल्हा उत्तर प्रदेश का

    बड़े लड़ैया सैफइ वाले, जेकरी लाज रखइं करतार लट्ठ बजइ हर दिन यूपी मा, निसरइ बल्लम अउर कटार पाँच डकैती, पचपन हत्या, राहजनी केउ गिनइ न भाइ लखनउवा कइ अइसन हालत, छोटकी गल्ती गिनी न जाइ...