नारी शक्ति को नमन

विश्व महिला दिवस पर विशेष

 

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आज विश्व महिला दिवस है. सम्पूर्ण विश्व के साथ भारत में भी “महिला दिवस” पूरे जोर शोर से मनाया जाता है और खासतौर पर, जब 2018 में यह आयोजन अपने 100 वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है, तो इसकी प्रासंगिकता और भी विशेष हो जाती है.

कहा जाता है- महिलाओं के लिए कुछ भी असंभव नहीं, अगर उन

के पास मजबूत इच्छा शक्ति है. इसी इच्छाशक्ति के बल पर पूरे संसार की तरह भारत में भी महिलाएं हर क्षेत्र में प्रगति कर रही हैं और पूरे विश्व को चकित कर रही हैं. उन्होंने कहा कि पवित्र वेदों के कई छंद महिलाओं द्वारा रचे गए थे. आप लोग जानते ही हैं, कि तीन बहादुर महिलाएं भावना कंठ, मोहना सिंह और अवनि चतुर्वेदी फाइटर पायलेट बनी हैं और सुखोई विमान उड़ाने का प्रशिक्षण ले रही हैं. कुछ दिन पहले अपनी एक लघुकथा ”ऐतिहासिक उपलब्धि का उत्सव” में हमने आपको फाइटर पायलट अवनि चतुर्वेदी के बारे में बताया था. अवनि चतुर्वेदी ने अकेले फाइटर प्लेन उड़ाकर इतिहास रच दिया. गार्गी-मैत्रेयी से लेकर झांसी की रानी था, कल्पना चावला था और आज देश की पहली डिफेन्स मिनिस्टर निर्मला सीतारमन, सुषमा स्वराज, इंटर सर्विस गार्ड ऑफ ऑनर का नेतृत्व करने वाली पहली भारतीय वायुसेना की विंग कमांडर पूजा ठाकुर, भारतीय वायुसेना में फाइटर प्लेन मिग 21 उड़ाने वाली अवनी चतुर्वेदी नारी शक्ति की प्रतीक हैं. अनाथ बच्चों की मां सिंधुताई सपकाल और भारतीय स्त्री शक्ति संस्था की अध्यक्ष उर्मिला आप्टे भी नारी शक्ति की प्रतिनिधि हैं. समाज सेविका सिंधुताई सपकाल ने अत्यंत प्रतिकूल परिस्थितियों में अपना जीवन व्यतीत कर हजारों अनाथ बच्चों को सहारा दिया है. इस कार्य के लिए उन्हें कई पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है. उर्मिला आप्टे भी पिछले 30 वर्षों से अपने एनजीओ भारतीय स्त्री शक्ति के माध्यम से महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए कार्यरत हैं. सिनेमा के साथ-साथ गायन, वादन व नर्त्तन के क्षेत्र में भी महिलाओं का वर्चस्व है. खेलों के क्षेत्र में पी वी सिंधु, सान्या मिर्ज़ा, सायना नेहवाल, साक्षी मलिक, दीपा करमाकर के साथ अब महिला पहलवान नवजोत कौर और शूटर मनु भाकर भी जाज्वल्यमान नक्षत्र बनकर चमकने लगी हैं.

विश्व महिला दिवस के अवसर पर सभी क्षेत्रों में नारी शक्ति के सभी देदीप्यमान रत्नों को हमारे कोटिशः नमन.

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।