कविता- घरौंदा

एक प्यारा सा परिवार मिला मुझे,
एक प्यारे से पिता जिनकी राजदुलारी हूँ मैं,
एक प्यारी सी माँ मिली जिनकी लाड़ली हूँ मैं,
एक प्यारी सी बड़ी बहन मिली जो हर पल ,
नई राह दिखाती है मुझे,
एक प्यारा सा भाई मिला,
जो हर मुश्किल में साथ है मेरे,
एक प्यारी सी छोटी सी बहन भी है ,
जो सबके आंखों का तारा है,
मेरे दिल पर मेरे इन सबका राज है,
ये नही तो मेरा कहाँ संसार है,
मेरा परिवार ही मेरी ज़िंदगी है,
ये नही तो एक अधूरी सी कहानी हूँ मैं,
कोई पूछे जो मुझसे कि,
रब कैसा मैं कहती हूँ,
मेरे मम्मी पापा के जैसे होता है,
— उपासना पाण्डेय ‘आकांक्षा’
हरदोई( उत्तर प्रदेश)

परिचय - उपासना पाण्डेय

पूरा नाम- आकांक्षा पाण्डेय उपनाम- उपासना जन्मस्थान-आजाद नगर हरदोई (उत्तर प्रदेश) लौकिक शिक्षा-स्नातक(बी.एस.सी. ) लेखन-2017 जून से अभी तक. वर्तमान लेखन- दैनिक और साप्ताहिक अखबारों में कविताये,शब्दनगरी ,प्रतिलिपी वेबसाइट पर,मासिक पत्रिका, ब्लॉग-Upasnamerasafr.blogspot.in ई- मेल-akanskhaPandey@gmail.com