आल्हा उत्तर प्रदेश का

बड़े लड़ैया सैफइ वाले, जेकरी लाज रखइं करतार
लट्ठ बजइ हर दिन यूपी मा, निसरइ बल्लम अउर कटार

पाँच डकैती, पचपन हत्या, राहजनी केउ गिनइ न भाइ
लखनउवा कइ अइसन हालत, छोटकी गल्ती गिनी न जाइ

थर-थर थर-थर पुलिसा काँपइ, गजब बनल यूपी कइ सीन
डीएम, एसपी साँझ सकारे, बइठइं लइ ठर्रा-नमकीन

गुंडा सगरे मौज मनावइं, अधिकारी मिलि माल कमाइं
सिसकी भरि-भरि पब्लिक रोवइ, जियरा मा नहिं दर्द समाइ

कैराना कइ हालत देखा, काश्मीर पिछवा छुटि जाइ
जबसे टिपुवा सीएम बनिगा, जगह-जगह हिंदू कुटि जाइं

हथिया कइ बतिया मत पूछा, जब चाहा सुनिल्या फुफकार
जेकरा चाहइ पूँछि मरोड़इ, टिकस न बेचइ एक उधार

भइल चुनवना एमलेवाला, अइसन सबके फुटल कपार
हाथिया बैठि गइल धरती पे, मिसिर बेचारू भएन बिमार

बेटवा सइकिल लइके भागल, मुल्लाएम जी गिरेन उतान
फूटि-फूटि शिवपलवा रोवइ, टिपुवा लइगा मोर निशान

योगी, मोदी, मौर्या कूदइं, अमित शाह अस बनएन प्लान
छप्पर फारि के सीट थम्हउलेन, जइसे खुद आके भगवान

फूटि-फूटि आजम अस रोवइं, बहिगा कइयो कब्रिस्तान
निकुरा टेढ़ भइल टिपुवा के, डिम्पल भउजी गिरिन उतान

कमल खिलल यूपी मा फिनि से, बाकी सबइ निपोरेन खींस
अबकी तुष्टिकरण पे भइया, लागल हिंदू परिगै बीस

बलबलबलबल ललई रोवइं, सिसकी भरिभरि रामगोपाल
गंगा मइया जान बचावा, बिलखइं सगरे नटवरलाल

गुंडा रोवइं फफकि-फफकि के, फूटि-फूटि सब ठेकेदार
यशभारती मिले अब कइसे, पूछइं मक्खन के सरदार

जाति बिरादर अइसन रोवइ, जइसे छीनि लिहेन रोजगार
धारा फूटि पड़ल अँखियाँ से, भरिगै सगरे ताल-इनार

कहइं मुलायम अब का होई, तनिक बतावा हे शिवपाल
जइसन भी बा आपन बेटवा, तब काहें तू किह्या बवाल

कोप भवन मा माया गइलीं, हथिया बिलखइ सूँढ़ उठाइ
राह बतावा हे सतीशजी, नाहीं रजवा हँसे ठठाइ

कांग्रेस कइ लुटिया डूबल, चरणपुत्र गइलेन मुरझाइ
सोंढ़ि उचरि गइ बब्बरवा कइ, अमर सिंह रहि रहि मुसकाइं

हक्का बक्का छक्का सगरे, चोर उचक्का चलेन पराइ
भ्रष्टाचारी फरिका खोलइं, भागइं तस्कर पूँछि दबाइ

कहो गजोधर अब का होई, पूछइं अपने आजम खान
विजयी रथ योगी कइ रोका, आवा बनई नवा पलान

एक अकेलवा कुछु ना होई, मिलि के लड़बइ अबकी वार
यूपी मा वैसेइ जीतब हम, जइसे लालू लिहेन बिहार

गधा-लोमड़ी-खच्चर-भालू, जेतना रहिलेन रँगल सियार
कइसे पार लगे बबुआ हो, येहिपे लागेन करइ विचार

नइया डूबे हमरी-तोहरी, भूलि अतिथिगृह का सत्कार
बबुआ तोहके हम जितवाइब, तू हमरा कइद्या उद्धार

फूलपुरा मा डंका बाजल, गोरखपुर मा बजि गइ बीन
योगी साहेब योग भूलि गै, टेंशन मा आइल सरकार

रुपिया-पइसा काम न आइल, कट्टा, बल्लम अउर कटार
पंचर सइकिल दौड़इ लागल, सुनिके हथिया के ललकार

कमल सूखिगा दुनहू जगहा, योगी रोवइं छोड़ि भोकार
अमित शाह मनवां मा सोचइं, बबुआ ई हौ दांउ हमार

बुआ जितउलिन बबुआ जी के, योगी भइया गिरेन उतान
अब यूपी के तुहीं बचावा, हे नटवर नागर भगवान ।।

— सुरेश मिश्र
09869141831

परिचय - सुरेश मिश्र

हास्य कवि