दो हनुमान भजन

हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर विशेष

  भजन-1
(तर्ज़- तारा है सारा जमाना श्याम हमको भी तारो——)

तुम हो परम हितकारी, हनुमत जय-जय तुम्हारी
महिमा है तेरी निराली, हनुमत जय-जय तुम्हारी-

1.तुम हो हनुमत गुण के सागर
भर दो गुणों से पिटारी हनुमत जय-जय तुम्हारी-

2.तुम हो हनुमत भाग्य-विधाता
किस्मत जगाओ हमारी हनुमत जय-जय तुम्हारी-

3.तुम हो हनुमत शक्ति-प्रदाता
शक्ति बढ़ा दो हमारी हनुमत जय-जय तुम्हारी-

4.तुम हो हनुमत आनंददाता
कर दो जगत को सुखारी हनुमत जय-जय तुम्हारी-

5.राम प्रभु के दरश करा दो
इतनी-सी विनती हमारी हनुमत जय-जय तुम्हारी-

भजन-2

(तर्ज़- विनय सुनो हे स्वामी सबका जीवनधन सरसाओ——)

तेरा जन्मदिवस है आया, मन मेरा हर्षाया
चारों तरफ लगे हैं मेले, आनंद-मंगल छाया
जय-जय हनुमत देवा, जय-जय हनुमत देवा-

1.ब्रह्मा आए विष्णु आए, आए शंकर भोले
सब करते गुणगान तुम्हारा, डमरू डम-डम बोले
जय-जय हनुमत देवा, जय-जय हनुमत देवा-

2.रघुवर आए मोहन आए, आई शेरांवाली
मोहन मुरली बजाएं रास रचाएं, दे-दे ताली
जय-जय हनुमत देवा, जय-जय हनुमत देवा-

3.पत्ता-पत्ता झूम रहा है, कूके कोयल काली
उपवन-उपवन महक रहा है, हर्षित डाली-डाली
जय-जय हनुमत देवा, जय-जय हनुमत देवा-

4.तुम ही बल-बुद्धि के दाता, सबके संकट हरते
ज्ञान-प्रदाता भाग्य-विधाता, जीवन सुखमय करते
जय-जय हनुमत देवा, जय-जय हनुमत देवा-

5.तुम चाहो तो दीप खुशी के, जगमग-जगमग जलते
ऋद्धि-सिद्धि-नवनिधि भी, तेरी छांव में पलते
जय-जय हनुमत देवा, जय-जय हनुमत देवा-

6.आओ भगवन दरश दिखाओ, विनती सुनलो स्वामी
संग हमारे झूमो-नाचो, घट-घट अंतर्यामी
जय-जय हनुमत देवा, जय-जय हनुमत देवा-

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।