गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

हर आंदोलन का यही अंजाम होता है, आखिर में बेबस आम आदमी रोता है। दुकानें, रेहड़ी सिर्फ उसकी जलती हैं, सोचो ठेकेदार और नेता क्या खोता है। क्या मिलता है इमारतों को जलाकर, आम आदमी ही उनका बोझ ढ़ोता है। भूल जाते हो मुश्किल से बसें मिलती हैं, अपनी ही पूंजी को फिर भी डुबोता […]

लघुकथा

स्वीकार्यता

आज 80 साल के देवदास ने 76 साल की मगडु बाई से शादी रचाई. मगडु बाई 48 साल तक उनकी लिव-इन पार्टनर रही हैं. पूरे गांव में यह शादी आकर्षण का केंद्र रही. देवदास को कुछ दिन पहले की बात याद आ रही थी. ”पापा, आप मां से विधिवत शादी कर लीजिए न!” अपने पैतृक […]

गीत/नवगीत

पीड़ा

पीड़ा पारावार हुई है, टूटे उर तंत्री के बंधन । समय व्याध तू गर रुक जाता ! तो यह निर्मम क्षण न आता । तूने युगल न तोड़ा होता – तन्हा क्रौंच न अश्रु बहाता । कवि मन सुन सुन कर व्याकुल है, शोक विकल विरही का क्रंदन । पीड़ा पारावार………………….. टूटे सपने काँच सरीखे […]

भजन/भावगीत

आ गए शुभ नवरात्रे

आ गए शुभ नवरात्रे भक्तो माँ के दरबार में आओ, पाकर माँ का आशीष, अपना जीवन सफल बनाओ, आओ भक्तों आओ, माँ वैष्णो देवी के दरबार , माँ चरणो में शीश झुका के माँ का करो सत्कार, माँ करती हैं अपने सब भक्तो पर उपकार, माँ की शरण में जो आया उसका बेडा पार, माँ […]

कविता

हाँ

हाँ वो मारी गयी बहुत पहले ही नही बच पायी लाख कोशिश करने के बाद भी कसूर तो कुछ नही था बस हाँ वो सुन्दर थी सुशील थी, मनमोहक थी यही शायद उसकी कसूर थी तभी दुनियॉ के ऑखो में किरकिरी की भांति गड़ गयी और जैसे ही बालावस्था से किशोरावस्था में कदम- रखी हो […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

रंममंच की डोर खिंची तो, नाम सभी बदनाम मिले, कुछ झंडों में छिपे हुए कुछ सिक्कों में नीलाम मिले। थाम के उँगली हमने जिनकी, ईश्वर को पाना चाहा उनके चर्चे, गली-गली में, कौड़ी-कौड़ी दाम मिले। वतनफरोशों की आँखों में, झाँक रूह भी काँप उठी एक तिरंगे के टुकड़े में, लिपटे रहमत-राम मिले। प्यार-मोहब्बत,भाई-चारे की महँगी […]

गीतिका/ग़ज़ल

गजल

टूट गई हैं सभी दीवारें, सत्ता के गलियारों में, भेष बदलकर बैठ गए हैं,कातिल पहरेदारों में। भेड़ों की चौपाल सजी है,खरगोशों का मेला है, लक्ष्य भेड़िये साध रहे हैं,मिलकर रंगे सियारों में। गिद्धों की टोली व्रत करने,बैठ गई रणभूमि में, कैसे मोल चुका पाएँगी,लाशें अब उपकारों में? रंग निराले धरकर गिरगिट,सैर करें फुलवारी की, शलभ […]

समाचार

राजेश पुरोहित “हिन्दवीर सम्मान” से सम्मानित

झालावाड़ जिले के कवि राजेश पुरोहित को साहित्य संगम संस्थान,दिल्ली द्वारा “हिन्दवीर सम्मान” से सम्मानित किया गया। भारतीय नववर्ष पर आयोजित ऑनलाइन कवि सम्मेलन में पुरोहित को उत्कृष्ट काव्य प्रस्तुति हेतु प्रदान किया गया। उन्हें यह सम्मान संस्थान के अध्यक्ष राजवीर सिंह मंत्र,सचिव कविराज तरुण सक्षम, उपाध्यक्ष सौम्या मिश्रा अनु श्री, एवम संयोजक आशीष पांडे […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

कातिल  हैं  जो  भेस  बदल  के  चारागर हो जाते हैं राह  जिन्हें  मालूम  नहीं  खुद  वो रहबर हो जाते हैं इश्क है जब पैगाम-ए-रब तो फिर सारे दुनिया वाले धर्म की आड़ में क्यों नफरत के सौदागर हो जाते हैं न जाने  कैसी  हवा  चली  कि  तेरे  शहर  में  लोगों  की सूरत काँच सी रहती […]

पुस्तक समीक्षा

पुस्तक परिचय : मुद्दा उछलना चाहिए

वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. कौशल किशोर श्रीवास्तव की नवीनतम कृति ‘मुद्दा उछलना चाहिए’ उनके द्वारा रचित 100 पृष्ठीय गजल संग्रह है | उत्तम गुणवत्ता वाला कागज, सुन्दर छपाई और आकर्षक आवरण पृष्ठ, जिसे बनाया है मुकेश कुमार ऋषि वर्मा (युवा साहित्यकार एवं क्षेत्रीय फिल्मकलाकार) ने | एक से एक बेहतर रचना कवि की सफलता को प्रमाणित […]