पद्य साहित्य हाइकु/सेदोका

होली पर हाइकु

होली पर हाइकु 01ः- रंग होली का जब धोये कटुता सार्थक हो। 02ः- होली के रंग अपनत्व के साथ रंग न भंग। 03ः- गुलाबी रंग गालों पर मलते दाग जो पड़े। 04ः- मिल के बने लाल पीले नीले भी होली में रंग। 05ः- दूसरा कोई अपना सा लगे सच की होली। 06ः- हैवानों में भी […]

कविता

आओ अबकी होली में

रंगों की रंगोली में साथ सभी के टोली में। प्यार का रंग बरसातें हैं प्रिये आओ अबकी होली में। फागुन का खूब चढ़े खुमार रस घोल दो ऐसी बोली में। गिले-शिकवे भूल मिल जाएं गले मीत आओ अबकी होली में। हर चेहरे पे मुसकान सजे खुशियों से हर मन महके। इतना रंग भर दो हर […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

इन्द्रधनुषी रंगो और उमंगों का पर्व है होली -लाल बिहारी लाल

भारत में फागुन महीने के पूर्णिंमा या पूर्णमासी के दिन हर्षोउल्लास के साथ मनाये जाने वाला विविध रंगों से भरा हुआ हिदुओं का एक प्रमुख त्योहार है-होली।     होली का वृहद मायने ही पवित्र है। पौरानिक मान्यताओं के अनुसार फागुन माह के पूर्णिमा के दिन ही भगवान कृष्ण बाल्य काल में राक्षसणी पुतना का बध […]

लघुकथा

हर तरह से नई होली

रंगीले फागुन का रंगीला-रसभरा महीना आ चला था. कहीं से गुहार आ रही थी-   ”भेदभाव को दूर हटाओ, छेड़ो तराना प्रेम का. भाईचारे का गुलाल, मौज-मस्ती का गुलाल”.   आगे कुछ सुनने की उसमें न हिम्मत थी, न उसने ज़रूरत ही समझी. उसने 22 फागुन देख लिए थे. फागुन का रंगीला-रसभरा महीना उसके लिए […]

सामाजिक

मैं कर नहीं दूंगा

दिन भर की भागा दौड़ी के बाद शाम को रमुआ अपने घर आया। उसका बेटा घेंघा बहुत सवाल पुछा करता था। रमुआ की पत्नी भाग्यमति अनपढ़ थी। वह दिन भर घर का काम करती रहती। घेंघा स्कूल से घर वापस आने के बाद अपना गृहकार्य कर रहा था। अपने स्वभाव के अनुसार उस दिन भी […]

कविता

वाह रे मानव

।‌ यहां मानव दानव बना बैठा है अपने ओछे संस्कारों से, कुचल डालता है उभरते हुनर को अपने अहंकारो से। करते नहीं थकते तारीफ ये चापलूस बड़े घरानों के, गाते हैं गीत वही जो पसंद आये बड़े चौकीदारों के। बेच दिये बचपन को हमने होटलों और दुकानों पर, अतिक्रमण का गिरे गाज फुटपाथ के ठेली […]

सामाजिक

सात अच्छी बातें

ये सात बातें यदि आपके स्वभाव में होंगी तो पूरा जीवन बड़े आनंद में कटेगा :- 1) माफ करने का स्वभाव सभी में दूसरों को माफ करने का स्वभाव होना चाहिए। जो दूसरों को माफ नहीं करता, बातों को मन से लगा कर बैठ जाता है, उसे जीवन में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता […]

गीतिका/ग़ज़ल

गज़ल

सारे चेहरे हैं अनजाने किसको दूँ आवाज़ यहां, हो गए अपने भी बेगाने किसको दूँ आवाज़ यहां महफिल खत्म हुई अपने-अपने रस्ते सब यार गए, मुझको डसते हैं वीराने किसको दूँ आवाज़ यहां पीने लगे लहू भाई-भाई इक दूजे का जबसे, बंद हुए सारे मयखाने किसको दूँ आवाज़ यहां अंधे हो कर दौड़ रहे हैं […]

गीत/नवगीत

होली मा

होली मा कोई घोटाला करौ, होली मा एक दूजे पर कीचड़ डालौ, एक दूजे मा दोष निकालौ , राजनीति, मुँह काला करौ,होली मा होली मा कोई……………. संत बनौ ,योगा सिखलाओ। देशवाद कै पाठ पढ़ाओ ।। बे सिर पैर बवाला करौ ,होली मा होली मा कोई………. नीरव रहौ ,माल तुम काटौ, भाय बहिन मा हिस्सा बाँटौ, […]

कविता

होली

होली की हार्दिक शुभकामनाएँ 🌻 🌸🌻 रंग नहीं पूछते हमसे नाम ना ही पता हमारा हमारे छूते ही हो लेते हैं हमारे रंगीन कर देते हैं सूत और रेशम नहीं परखने जाते हैं फितरत या कीमत यह जिस पर चढ़ जायें निशान तो नहीं छाप छोड़ जाते हैं कि याद आते ही जिनकी मन अबीर […]