Monthly Archives: April 2018


  • ये बचाने वाले लोग !

    ये बचाने वाले लोग !

    …कुछ लोग “बचाओ-बचाओ” के शोर के साथ मेरी ओर बढ़े आ रहे थे…उत्सुकतावश मैं अपने आगे-पीछे, दाएँ-बाएँ देखने लगता हूँ ..!! लेकिन संकटापन्न की कोई स्थिति दिखाई नहीं देती …फिर भी किसी को बचाने के आपद्...



  • खलती है बेटियां

    खलती है बेटियां

    बेटी से बनकर बहू जब बांट देती है  परिवार को तब खलती हैं बेटियां आजादी के नाम पर करती है मनमानी लेती है आधुनिकता की आड तब खलती हैं बेटियां भाई के प्यार के बदले जब...

  • लघुकथा – प्रेम का आगोश

    लघुकथा – प्रेम का आगोश

    दिन भर की भागदौड , बच्चों के नखरे ,पति की शिकायतों, सास के उलाहने में ही सारा दिन निकल जाता। इन सबमें उसकी मानसिक हालत कमजोर हो जाती, मन करता सब छोड भाग जाये। रोज की तरह आज...

  • माँ का स्पर्श 

    माँ का स्पर्श 

    कहते हैं हर माँ अपने बच्चे की सबसे बड़ी हकीम होती है | जब एक बच्चा जहां भर की परेशानियों से जूझकर घर आकर अपनी माँ की गोद में अपना सिर रखता है और माँ जब...