Monthly Archives: April 2018


  • गुरु

    गुरु

     (बुद्ध पूर्णिमा पर विशेष) गुरु है, एक ऐसा स्रोत, जो ज्ञान का प्रकाश भी देता है और प्रेरणा भी, जो मार्ग भी दिखाता है और मंजिल पर भी पहुंचाता है. गुरु पवित्रता का प्रवाह है, गुरु...

  • मुक्तक

    मुक्तक

    हुस्न जो इश्क से रू-ब-रू हो गया ख़्वाब में जो दिखा हू-ब-हू हो गया एक पल को नज़र से नज़र क्या मिली सिलसिला चाहतों का शुरू हो गया कुछ कदम आपका साथ क्या मिल गया यूँ...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    यार बनके जो भूल जाते हैं। बाख़ुदा याद रोज आते हैं। कोई वादा नहीं हुआ फिर भी। राह में फूल हम बिछाते हैं। आख़िरी ख़्वाब आख़िरी चाहत। दफ़्न सीने में गुनगुनाते हैं। वो नदी की तरह...



  • आत्मज्ञान

    आत्मज्ञान

    उसने सुन रखा था- ”जब एक सच्चिदानंद स्वरूप सदगुरु व श्रद्धावान शिष्य का समन्वय होता है तो बेजोड़ ज्ञान का उदय होता है.” समस्या यह थी, कि ऐसा सच्चिदानंद स्वरूप सदगुरु कहां मिले? साथ ही उस...

  • गज़ल

    गज़ल

    जिसे हालात ने मारा हो मुहब्बत कैसे वो कर ले, जो खुद टूटा सितारा हो मुहब्बत कैसे वो कर ले, ============================== सहारा देना पड़ता है इक दूजे को मुश्किल में, जो खुद ही बेसहारा हो मुहब्बत...

  • विचारों की प्रकृति

    विचारों की प्रकृति

    🌼..विचारों की प्रकृति..🌼 अनंत रूपी प्रकृति जब अठखेलियां लेती हुई बलखाती हुई प्रत्यक्ष होती है, तो वैराग्य मन कवि निः स्वार्थ भाव से इन सब रूपों में अपने आप को सारगर्भित कर लेता है। वहीं स्वार्थपरक...

  • हंसी खूबसूरती का ख़ज़ाना है

    हंसी खूबसूरती का ख़ज़ाना है

    जब दिल हंसता हैतो पूरी दुनिया खिल उठती हैहंसी बस खूबसूरत होती हैबेइंतहा खूबसूरत होती हैहंसी का हर रंग चटख होता हैहंसी के हर रूप का एक अर्थ होता हैहंसीझांझर-सी झनकती हैपायल-सी खनकती हैसच्चा दोस्त हंसी...