भारत का सुहाना सफर

http://caindiainfo.com/?q=tadacip-20mg-generic-viagra ”जिंदगी इक सफर है सुहाना, यहां कल क्या हो क्या किसने जाना!”

फिल्म अंदाज के लिए किशोर कुमार का गाया हुआ यह गीत आज भी उतना ही दिलकश लगता है, जितना 1971 में, जब यह फिल्म बनी थी. दिलकश होने के साथ ही यह सच भी है और यथार्थ भी. सच में कल का क्या भरोसा, जब कि पल का भी ठिकाना नहीं है.

अब देखिए न! 11 दिन पहले जब गोल्ड कोस्ट में 21वें कॉमनवेल्थ खेलों की शुरुआत हुई थी, तो कितने कयास लगाए जा रहे थे? भारत की परफॉर्मैंस कैसी होगी? भारत पदकों के 5 शतक पूरे कर पाएगा या नहीं? पदक-तालिका में भारत अच्छी पोजीशन ला पाएगा या नहीं? आदि-आदि. आइए बात करें 21वें कॉमनवेल्थ खेलों में भारत के सुहाने सफर की.

अब जब 21वें कॉमनवेल्थ खेलों का समापन हो चुका है, इन कयासों पर विराम लगाते हुए भारत ने अपनी शानदार पोजीशन को बरकरार रखा है. हमारे खिलाड़ियों के अथक परिश्रम और लगन की बदौलत भारत ने कुल 66 पदक अपने नाम किए, इनमें 26 स्वर्ण, 20 रजत और इतने ही कांस्य पदक हैं. भारत पदक तालिका में तीसरे स्थान पर रहा. तीसरे स्थान पर रहा का सीधा अर्थ यह हुआ, कि 2014 के भारत ग्लासगो, स्कॉटलैंड में कॉमनवेल्थ खेलों में 64 पदक जीतकर भारत का स्थान पांचवां रहा था. इस बार 66 पदक और तीसरा स्थान. यह जादू है- गोल्ड कोस्ट में गोल्ड लूटने का. भारत ने इस बार अधिक गोल्ड पदक जीते. 26 गोल्ड के कारण भारत तीसरे स्थान पर रहा. पहले स्थान पर ऑस्ट्रेलिया और दूसरे स्थान पर इंग्लैंड ने कब्जा किया. अब कुल मिलाकर भारत के कॉमनवेल्थ खेलों में 504 पदक हो गए हैं. 5 शतक से अधिक पदक पाने वाला भारत पांचवां देश बन गया है.
भारत को ऐथलेटिक्स में 3, बैडमिंटन में 6, मुक्केबाजी में 9, पैरा पावरलिफ्टिंग में 1, निशानेबाजी में 16, स्क्वैश में 2, टेबल टेनिस में 8, भारोत्तोलन में 9, कुश्ती में 12 पदक मिले. भारत ने कुल 16 खेलों में हिस्सा लिया. इस साल कुल 218 भारतीय खिलाड़ी गोल्ड कोस्ट पहुंचे, जिनमें 103 महिलाएं और 115 पुरुष शामिल हैं.

भारत ने यहां अनेक इतिहास भी रचे, जैसे-

CWG 2018: अनीष भानवाल ने रचा इतिहास, जीता सिर्फ 15 साल की उम्र में गोल्ड मेडल

श्रीकांत ने पुरुष एकल रैंकिंग में डेनमार्क के विक्टर को पछाड़कर बीडब्ल्यूएफ BWF रैंकिंग्स में पहला स्थान हासिल किया.

साइना नेहवाल ने पीवी सिंधु को हराकर रचा इतिहास, जीता सिंगल्स का गोल्ड मेडल- साइना नेहवाल ने 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में बैडमिंटन के महिला एक वर्ग का गोल्ड मेडल जीतकर एक बार फिर बता दिया, कि वह अब भी देश की टॉप शटलर हैं. फाइनल मुकाबले में उन्होंने अपनी ही देश की स्टार शटलर पीवी सिंधु को बेहद कड़े मुकाबले में 21-18 और 23-21 से जीत दर्ज की, यानी गोल्ड भी हमारा और सिल्वर भी.

गोल्डकोस्ट में भारत के लिए गोल्डन डे- 
ऑस्ट्रेलिया में हो रहे राष्ट्रमंडल खेलों के 10वें दिन शनिवार को भारतीय खिलाड़ियों ने 8 गोल्ड समेत कुल 17 मेडल जीते.

अन्य देशों द्वारा भी बहुत-से इतिहास रचे गए, इनमें सबसे महत्त्वपूर्ण है-

CWG 2018: रॉबर्ट पिटकेयर्न ने 79 साल की उम्र में किया डेब्यू, बनाया रेकॉर्ड. वाह-वाह! क्या साहस है भाई!

 

21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के सुहाने सफर के बारे में कुछ हमने बताया है, अभी बहुत कुछ बाकी है, कामेंट्स में आप बताइए.

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।