Monthly Archives: May 2018


  • इंसानियत यहां रहती है

    इंसानियत यहां रहती है

    एक पाठक बंधु ने हमें अनमोल वचन का एक पोस्टर भेजा था, जिसमें एक बच्चा एक प्यास से तड़पते बच्चे को अपनी बोतल से पानी पिलाकर बहुत खुश हो रहा है, वह इस बात से अनजान...




  • “हाइकु”

    “हाइकु”

    आज की गर्मी चलन बेरहमी जल की कमी॥-1 झुकी डाल है क्यों फल बीमार है जी अनार है॥-2 नर निर्वाह नव रोग निपाह रोके प्रवाह॥-3 कृत्रिम छाल मत रगड़ गाल हो जा निहाल॥-4 ये केला आम...


  • कोच सर

    कोच सर

    मेहुल पिछले कुछ दिनों से प्रैक्टिस में ध्यान नहीं दे पा रहा था। इस बात से उसके कोच नाराज़ थे। आज उसके क्लब का मैच था। उसके टीम की स्थिति अच्छी नहीं थी। पर उसने अच्छी...

  • नजरिया

    नजरिया

    ”ओह, मैं बाल-बाल बच गया!” उसने खुद से कहा, ”अगर सुरेंद्र समय पर नहीं आता, तो मेरा नजरिया ही मेरा कांटा बन जाता.” ”पिताजी बार-बार कहते हैं- ”नजर को बदलो नजारे बदल जायेंगे, सोच को बदलो...

  • लघुकथा – नज़र

    लघुकथा – नज़र

    कोई दस दिन पहले एक सुबह ही अनु का मेसेज मिला “दी,अंश इज़  नो मोर ” स्तब्ध तो हुई,पर  दुःख नहीं  हुआ ! ऐसा तो पहले कभी हुआ कि किसी की मौत की खबर पर मुझे तसल्ली हुई हो...