हाईकु

तुम बेवफा
बने हृदय शूल
वफा का सिला!

हो गये जुदा
देकर तुम दगा
कुछ ना मिला!

दु:खी मत हो
मेरे टूटे हृदय
वक्त दे भुला!

दुआएं मेरी
तुम रहो प्रसन्न
मैं हूँ अकेला!

बोझिल साँझ
जर्जर हुआ तन
मैं हूँ बेहाल!

परिचय - मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

नाम - मुकेश कुमार ऋषि वर्मा एम.ए., आई.डी.जी. बाॅम्बे सहित अन्य 5 प्रमाणपत्रीय कोर्स पत्रकारिता- आर्यावर्त केसरी, एकलव्य मानव संदेश सदस्य- मीडिया फोरम आॅफ इंडिया सहित 4 अन्य सामाजिक संगठनों में सदस्य अभिनय- कई क्षेत्रीय फिल्मों व अलबमों में प्रकाशन- दो लघु काव्य पुस्तिकायें व देशभर में हजारों रचनायें प्रकाशित मुख्य आजीविका- कृषि, मजदूरी, कम्यूनिकेशन शाॅप पता- गाँव रिहावली, फतेहाबाद, आगरा-283111