कुण्डलियाँ

(बृजभाषा में प्रथम प्रयास)

गाड़ी लाडी और की, मन कूँ सदा लुभाय
चाहे चोखी आपनी, पर  मन  मानत नाय

पर  मन मानत नाय, नैन  औरन कूँ घूरत
अरसै सदा नवीन,नैन अरु मन की ई लत
धरौ  ध्यान  उत्कर्ष, आप की आवैं आड़ी
औरन  कौ  का ओर, रहे  लाड़ी या गाडी

परिचय - नवीन श्रोत्रिय

नवीन श्रोत्रिय "उत्कर्ष" श्रोत्रिय निवास, भगवती कॉलोनी बयाना (भरतपुर)राजस्थान 321401 +91 84 4008-4006​