हमारी प्रतिभाएं और उनके सक्सेस मंत्र

सीबीएसई के 10वीं और 12वीं के नतीजे घोषित हो चुके हैं. हर बार की तरह हमारी प्रतिभाएं सामने आ चुकी हैं. इन नतीजों से दो विशेष बातें उभरकर सामने आई हैं.

पहली विशेष बात-

500 में से 499 नंबर लाना. 12वीं में मेघना श्रीवास्तव ने 499 नंबर हासिल किए हैं और 10वीं में एक नहीं 4 प्रतिभाओं ने 499 अंक प्राप्त किए हैं.

499/500 नंबर वाले चार टॉपर
1-10वीं क्लास के पहले टॉपर डीपीएस गुड़गांव के छात्र प्रखर मित्तल हैं. 
2- दूसरी टॉपर हैं बिजनौर की रिमझिम अग्रवाल. रिमझिम आरपी पब्लिक स्कूल की स्टूडेंट हैं. 
3- तीसरी टॉपर शामली की नंदिनी गर्ग हैं. वह स्कॉटिश इंटरनैशनल स्कूल, शामली की छात्रा हैं.
4- चौथी टॉपर हैं कोचिन की श्रीलक्ष्मी जी. वह भवानी विद्यालय की स्टूडेंट हैं.

 

 

दूसरी विशेष बात-

हमेशा की तरह 12वीं की तरह 10वीं में भी लड़कियों ने बाजी मारी है.

सभी टॉपर्स और उत्तीर्ण हुए छात्रों-छात्राओं को हमारी ओर से कोटिशः हार्दिक बधाइयां और उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं.

 

टॉपर्स की कुछ खास बातें संक्षेप में-

टॉप-3 में लड़कियां, नोएडा की मेघना को 500 में से 499 नंबर
सीबीएसई 12वीं: नोएडा की मेघना ने बिना कोचिंग हासिल किए 500 में से 499 नंबर.
रिजल्ट आने के बाद सोशल मीडिया पर मेघना के स्कोर पर कई मीम चलने लगे लेकिन उन्होंने कोई शिकायत नहीं की. उन्होंने कहा, ‘वाकई में मैं उन मीम्स को इंजॉय कर रही हूं. मुझे उस ट्वीट को भी पढ़कर खुशी हुई जिसमें लिखा था कि अब मेघनाओं का समय है. मेघना गुलजार (राजी फिल्म) और मेगन मर्केल (रॉयल प्रिंसेस) के बाद अब मेघना श्रीवास्तव का नंबर है. मैं खुद को सम्मानित महसूस कर रही हूं कि सिर्फ मेरे मार्क्स के कारण किसी ने मेरे नाम को मेघना गुलजार और मेगन मर्केल की श्रेणी में रख दिया है.’
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​CBSE: सफलता की कहानी, टॉपर्स की जुबानी

टॉपर्स के सक्सेस मंत्र-

​प्रखर मित्तल- रोजाना पढ़ाई करने से सफलता हासिल की जा सकती है. अगर रोजाना पढ़ाई करेंगे तो उसका बोझ नहीं पड़ेगा और विषय को पढ़ने एवं समझने में आसानी होगी.

​रितिका सरकार- सफलता के लिए स्ट्रेस बिना पढ़ाई करनी चाहिए.

अंचित- टाइम मैनेजमेंट पर ध्यान दिया, जो शेड्यूल बनाया उसे फॉलो किया, फेसबुक, मोबाइल और सोशल मीडिया से दूर रहा.

अंशिका- सेल्फ स्टडी सफलता के लिए बहुत जरूरी.

लक्ष्य- सफलता के लिए रेग्युलर टेस्ट को जरूरी

एल.गोकुलनाथ- अधिक पढ़ाई नहीं, बल्कि स्मार्ट स्टडी जरूरी.

स्निग्धा बसु- उन सवालों को पहले हल करना, जो उनको अच्छे से आता था.

अनुष्का- किसी भी विषय में रट्टा नहीं और समय से पहले ही रिविजन पूरा, साथ में पढ़ने के समय वह अपने फोन को ऑफ कर देती थी

​मिष्ठी सिंघल- अच्छे नंबर पाने के लिए यह महत्वपूर्ण नहीं है कि हमने कितने घंटे पढ़ाई की, बल्कि यह मायने रखता है कि हम कितनी देर एकाग्रचित्त होकर किताबों के साथ रहे. वॉट्सऐप और फेसबुक से दूर.

आयुष गुप्ता- जो भी स्कूल में पढ़ें या फिर ट्यूशन टीचर पढ़ाए, उसे घर पर आकर जरूर पढ़ना चाहिए. इससे रिविजन हो जाता है और फैक्ट्स भी क्लियर हो जाते हैं.

​अपर्णा- ज्यादा देर नहीं, बस मन लगाकर पढ़ना.

इन सक्सेस मंत्रों से कुछ बातें उभरकर आती हैं, कि प्रतिभा के लिए मन लगाकर ध्यान से पढ़ना, सेल्फ और स्मार्ट स्टडी करना तथा सोशल मीडिया से दूर रहना जरूरी है.
कुछ छात्रों को असफलता भी हासिल हुई होगी, उनके लिए हमारा कहना है-

फेल होने पर जिंदगी रुक नहीं जाती है. फेल होने के बाद भी पास होने की कोशिश की जा सकती है, नजरिया बदलने से जीवन बच सकता है. अनेक साहित्य्कार, वैज्ञानिक, कलाकार स्कूल की कक्षा में फेल हो गए, पर हिम्मत न हारने से जीवन की कक्षा में पास हो गए.

जीवन में हार-जीत तो चलती ही रहती है, आज नहीं तो कल पास जरूर हो सकते हैं. अजीम प्रेमजी, बिल गेट्स, स्टीव जॉब्स, माइकल डैल, मार्क जकरबर्ग, मैरी कॉम, कपिल देव, मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर, थॉमस एडिसन, अल्बर्ट आइंस्टाइन, सर आइजक न्यूटन, ये सब पढ़ाई में कमजोर थे या पढ़ाई नहीं कर सके, लेकिन आज अपने-अपने क्षेत्र में बेहद सफल हैं.

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।