नई सोच का संदेश

नई सोच हो और वह भी सकारात्मक और उपयोगी, उसकी सराहना होना स्वाभाविक है. आज सोशल मीडिया पर चीन की एक दुल्हिन की नई सोच की बहुत तारीफ हो रही है. नई सोच का यह संदेश यह भी संकेत करता है, कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल 5 जून को ही नहीं हर दिवस मनाया जाना चाहिए.

चीन में एक दुल्हिन ने शादी के वेन्यू तक पहुंचने के लिए बेहद अनोखा तरीका अपनाया. यह दुल्हिन खुद बस चलाकर अपनी शादी के वेन्यू तक पहुंची और रास्ते में रुककर अपने दूल्हे को भी बस में बैठाया. बेहद खूबसूरत गाउन में सजी यह दुल्हिन बस चलाते हुए काफी सहज भी दिख रही है. पेशे से बस ड्राइवर इस दुल्हिन ने अपनी वेडिंग कार के तौर पर बस को इसलिए चुना क्योंकि इससे कार्बन उत्सर्जन कम होता है.

आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी हो या आपने कोई ऐसा प्रयत्न किया हो, तो कामेंट्स में अवश्य लिखिएगा. सनद रहे कि विकास का कोई भी प्रयत्न छोटा नहीं होता, बस नई सोच का संदेश ही दे दे तो बहुत होता है, क्योंकि बात निकलती है, तो दूर तक जा सकती है.

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।