लखटकिया साइकिल बनाम प्रदूषण व ट्रैफिक जाम

लखटकिया साइकिल से आप कहीं यह तो नहीं समझे, कि लखटकिया साइकिल एक लाख टक्कों में आएगी? नहीं जी, लाख टक्कों में तो इस लखटकिया साइकिल का एक पहिया भी नहीं आएगा. लखटकिया साइकिल स्मार्ट साइकिल है और इनकी कीमत 1 लाख रुपये है. लखटकिया साइकिल प्रदूषण व ट्रैफिक जाम से बचाव के लिए एक अनूठा प्रयास है. यह साइकिल शेयरिंग सर्विस की शुरुआत है.
दिल्ली के कनॉट प्लेस एरिया में मेट्रो स्टेशन से दफ्तरों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए और प्रदूषण के स्तर में कमी लाने के लिए एनडीएमसी जुलाई से साइकिल शेयरिंग सर्विस शुरु करने जा रहा है. पहले चरण में 500 साइकिलें चलाई जाएंगी. लोग इन्हें किराए पर ले सकेंगे. इसके लिए आधे घंटे तक कोई चार्ज नहीं लगेगा. इसके बाद हर घंटे के लिए 10 रुपये चुकाने होंगे.

खास बात यह है कि सभी स्मार्ट साइकिलें होंगी. इनकी कीमत 1 लाख रुपये है. साइकिल किराए पर लेने और जमा करने के लिए 50 पॉइंट बनाए जाएंगे. कनॉट प्लेस में रोजाना 10-15 लाख लोग आते हैं. इमसें से 65 प्रतिशत लोग तो मेट्रो से यहां आते हैं. लेकिन, बाकी लोग अपने साधन या बस का इस्तेमाल करते हैं. इससे कनॉट प्लेस में प्रदूषण सामान्य से ज्यादा है. 3 जून से साइकल पॉइंट बनाने का काम शुरू होगा. पहले इनर सर्कल में 5 जगहों पर पॉइंट बनाए जाएंगे.

इन साइकिलों की एक खासियत है, कि सीपी से बाहर ले जाते ही ये जाम हो जाएंगी. सीपी में दौड़ने वाली साइकिलें काफी हाइटेक होंगी. ऐसे में इन पर चोर-बदमाशों की भी नजर रहेगी. ऐसा कहा जा रहा है, कि सभी साइकिलें केवल कनॉट प्लेस एरिया में ही चलाई जा सकेंगी. एरिया से बाहर ले जाने पर यह जाम हो जाएंगी.

बहरहाल हमें तो दिल्ली के कनॉट प्लेस को प्रदूषण व ट्रैफिक जाम से बचाने का यह प्रयास एकदम अनूठा और उपयोगी लगा, आप कामेंट्स में अपने शहर के ऐसे ही किसी अनूठे और उपयोगी अनूठे प्रयास के बारे में बता सकते हैं.

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।