गीतिका/ग़ज़ल

दिल में यूँ तूफ़ान उठाना ठीक नही है…

दिल में यूँ तूफ़ान उठाना ठीक नही है
मुस्काना फिर आँख चुराना ठीक नही है

बढ़ने लगती है तुमसे मिलने की चाहत
यूँ सपनों में आना जाना ठीक नही है

हर्ज नही है कोई सत्ता की चाहत में
लेकिन लोगों को लड़वाना ठीक नही है

अपने बौने कद को ऊँचा दिखलाने को
अजदादों का मान घटाना ठीक नही है

धर्म सभी हैं मानवता के हित के साधक
धर्मों को व्यापार बनाना ठीक नही है

सबने खून पसीने से सींचे गुलशन में
नफ़रत वाले ख़ार उगाना ठीक नही है

नेताओ यूँ ज़हरीले भाषण दे दे कर
सम्बंधों में आग लगाना ठीक नही है

सतीश बंसल
०२.०६.२०१८

*सतीश बंसल

पिता का नाम : श्री श्री निवास बंसल जन्म स्थान : ग्राम- घिटौरा, जिला - बागपत (उत्तर प्रदेश) वर्तमान निवास : पंडितवाडी, देहरादून फोन : 09368463261 जन्म तिथि : 02-09-1968 : B.A 1990 CCS University Meerut (UP) लेखन : हिन्दी कविता एवं गीत प्रकाशित पुस्तकें : " गुनगुनांने लगीं खामोशियां" "चलो गुनगुनाएँ" , "कवि नही हूँ मैं", "संस्कार के दीप" एवं "रोशनी के लिए" विषय : सभी सामाजिक, राजनैतिक, सामयिक, बेटी बचाव, गौ हत्या, प्रकृति, पारिवारिक रिश्ते , आध्यात्मिक, देश भक्ति, वीर रस एवं प्रेम गीत.