हम योग-दीवाने हैं

योग दिवस 21 जून पर विशेष

हम योग-दीवाने हैं, दुनिया को दिखा देंगे
हम योग की महिमा को, सारे जग को सिखा देंगे-

संजीवनी बूटी बन, तन-मन को योग जोड़े
हर रोग हटे इससे, हम सबको बता देंगे-

कुदरत से हमने सीखा, हर ओर योग छाया
हैं पेड़ नमन करते, हम सबको सिखा देंगे-

फूलों ने सिखाया है, हर हाल में मुस्काओ
मरने से पहले जीना, हम कैसे भुला देंगे-

चाहे ध्यान या आसन हो, हमें चुस्ती-फुर्ती देता
है योग में मौज बड़ी, हम सबको बता देंगे-

(तर्ज़- है प्रेम से जग प्यारा, सुंदर है सुहाना है———-)

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।