कुंडलियाँ छ्न्द……

 

लगता मेघों ने किया, गठबंधन मजबूत।
इंद्रदेव का आज तो, बना दिवाकर दूत।
बना दिवाकर दूत, समय पर हर दिन आता।
तांडव करता रोज, उगल के ज्वाला जाता।
जले जलाशय कुंड, विकल हो मानव जलता।
गठबंधन मजबूत, किया मेघों ने लगता।

*अनहद गुंजन 26/06/18*