Monthly Archives: June 2018

  • प्रेम गीत

    प्रेम गीत

    तेरे नयनों की भाषा ने,मुझको जीवन दान दिया ! सिसक-सिसक कर जीता था मैं,जीने का अरमान दिया !! मौसम अब रंगीन हुए हैं, दिशा आज मतवाली है उपवन महक रहा है देखो, खुशियों में तो माली...




  • आर्यसमाज और महात्मा गांधी

    आर्यसमाज और महात्मा गांधी

    (आर्यजगत के सुविख्यात विद्वान् पं० चमूपति जी के बलिदान दिवस पर, आज १५ जून को प्रकाशित यह लेख) लेखक- पं० चमूपति जी ‘यंग इंडिया’ में प्रकाशित महात्मा गांधी के लेख का वह अंश जिसमें ऋषि दयानन्द...


  • कविता : कभी मिलना 

    कविता : कभी मिलना 

    कभी मिलना उन गलियों में जहाँ छुप्पन-छुपाई में हमनें रात जगाई थी जहाँ गुड्डे-गुड़ियों की शादी में दोस्तों की बारात बुलाई थी जहाँ स्कूल खत्म होते ही अपनी हँसी-ठिठोली की अनगिनत महफिलें सजाई थी जहाँ पिकनिक...

  • साक्षात्कार

    साक्षात्कार

    साहित्य संगम संस्थान के क्षेत्रीय बोली संवर्धन कार्यक्रम प्रमुख ,मध्यप्रदेश के मीडिया प्रभारी युवा कवि एवम चित्रकार शिवम यादव ने की देश के ख्यातिनाम कवि राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित” से लिया साक्षात्कार शिवम:- पुरोहित जी आपकी साहित्यिक...

  • अवसाद

    अवसाद

    जिंदगी भी कितने रंग बदलती है ।जब भी हम सोचते हैं कि सब कुछ अच्छा चल रहा है ,अचानक एक तेज आंधी आती है और सब कुछ बिखेरकर चली जाती है ,यही तो जिंदगी है ।हम...