Monthly Archives: June 2018


  • कलम की व्यथा

    कलम की व्यथा

    आँखे छुपा लू कैसे । मुझे सब दिखता है ।। आईने की तस्वीर के पीछे क्या है मुझे सब दिखता है ।। क्यों रोती है माँ । मुझे सब दिखता है ।। क्यों अकेले में पिता...

  • छ्न्द – हंसगति

    छ्न्द – हंसगति

    छ्न्द – हंसगति ( २0 मात्रा ) शिल्प विधान — 11,9= 20 प्रथम चरण ११ मात्रा ,चरणान्त २१ से अनिवार्य । जस वीणा रसधार, भरी है माता। कर शारद उपकार, भक्त का नाता।। नमन करूँ दिन-रात,...

  • “मुक्तक”

    “मुक्तक”

    “दोहा मुक्तक” परिणय की बेला मधुर, मधुर गीत संवाद। शोभा वरमाला मधुर, मधुर मेंहदी हाथ। सप्तपदी सुर साधना, फेरा जीवन चार- नवदंपति लाली मधुर, मधुर नगारा नाद॥-1 “मुक्तक” छंद मधुमालती, मापनी – 2212 2212 अहसान चित...





  • गीत

    गीत

    मुसलमान है, धर्म नीति को कब इनने स्वीकारा है। सत्ता के कारण सदैव इनने अपनो को ही मारा है। ये बर्बर, अन्यायी धर्म विरोधी छली लुटेरे है। इनके मन मे सदा रहे घृणा द्वेष के डेरे...