अनोखा संगम

धृतराष्ट्र को महाभारत युद्ध का सजीव वर्णन सुनाने के लिए व्यास मुनि ने संजय को दिव्य दृष्टि प्रदान की थी. धृतराष्ट्र को सम्पूर्ण महाभारत युद्ध का सांगोपांग विवरण सुनाया यह बात आज अचानक मुझे याद आ गई. मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था, कि आज भी किसी को ऐसी दिव्य दृष्टि मिल सकती है, कि जब खेल प्रेमी फीफा वर्ल्ड कप 2018 के फुटबॉल मैचों के हर रोमांचक पल का लुत्फ ले रहे हैं, एक दोस्त अपने दृष्टिबाधित दोस्त को न सिर्फ मैच दिखा रहा है, बल्कि सुनने में भी अक्षम उस दोस्त को कामेंट्री भी सुना-समझा पा रहा है. इस दिव्य दृष्टि और दिव्य श्रवण में किसी व्यास मुनि की कोई भूमिका नहीं है, है तो बस दोस्त को दिव्य आनंद दे पाने  की संकल्पना और लगन.

ब्राजील निवासी हेलिओ नाम के एक शख्स अपने दिव्यांग दोस्त कार्लोस को अपने साथ ब्राजील और कोस्टा रिका के बीच मैच दिखा रहे हैं. दृष्टिहीन दोस्त के लिए उन्होंने खास इंतजाम किया है.

कार्लोस के लिए उन्होंने एक लकड़ी का छोटा-सा गोल फुटबॉल मैदान बनाया है और कार्लोस की उंगलियों को पकड़कर वह इस मैदान पर कुछ उसी अंदाज में घुमाते हैं, जिस तरह टीवी पर फुटबॉल खिलाड़ी फुटबॉल को नचाते दिखते हैं. इतना ही नहीं कार्लोस गोल होने पर जश्न मनाते हैं.

कार्लोस पैदा हुए तो एक जेनेटिक बीमारी से पीड़ित होने के कारण उनके पास सुनने की शक्ति नहीं थी और 14 साल की उम्र में उनकी आंखों की रोशनी भी चली गई. इसके बावजूद एक दिव्य दोस्त की मदद से वे दिव्य आनंद प्राप्त कर पा रहे हैं. दिव्य दृष्टि, दिव्य दोस्त और दिव्य आनंद का यह अनोखा संगम है.

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।