जन्मदिन की शुभकामनाएं

”इमोजी-इमोजी” तुम बोलते क्यों नहीं हो?” मेरा सवाल था.

”यही न बोलना ही तो मेरी विशेषता मानी जाती है न!” इमोजी ने विवश होकर फरमाया.

”मतलब?”

”मेसेंजिग ऐप इस्तेमाल करने वाला तकरीबन हर व्यक्ति हमारा यानी इमोजी का इस्तेमाल जरूर करता है. हमने सबको लंबी लाइनें लिखने से फुर्सत दे दी है. बस सही इमोजी पर क्लिक कर दो और सामने वाला आपके मन की भावनाओ को समझ जाएगा.”

”यानी तुम्हारे अनेक रूप है?” हमारी जिज्ञासा बढ़ती जा रही थी.

”आपको जानकर आश्चर्य होगा कि फेसबुक और मेसेंजर पर मौजूद 2800 इमोजी में से 2300 इमोजी का इस्तेमाल हर रोज होता है. इमोजी बिना शब्दों का इस्तेमाल किए सामने वाले से हमारे दिल की बात कह देती है. शायद यही वजह है कि हर रोज तकरीबन 90 करोड़ इमोजी एक दूसरे को भेजे जाते हैं. इन इमोजीज का मतलब समझने के लिए इमोजीपीडिया भी बना है. यूनिकोड स्टैंडर्ड लिस्ट के मुताबिक 2666 इमोजी हैं.”

”लीजिए, आप इतने पापुलर हो गए और हमें पता ही नही चला! हमने तो कभी तुम्हारा प्रयोग किया ही नहीं!”

”तो अब शुरु कर दो, वरना लोग आपको पिछले जमाने का मान लेंगे.”

”क्या तुम्हें अपना इतिहास ज्ञात है?”

”क्यों नही? मौजूदा इमोजी का इस्तेमाल 17 जुलाई 1990 में शिगेताका कुरीता ने किया था.”

”इसका मतलब 17 जुलाई तुम्हारा जन्मदिन है?”

”हां जी, क्या आप हमारे जन्मदिन पर केक काटोगे?” इमोजी का प्रश्न स्वाभाविक था.

”इमोजी, एक चुटकुला सुनो. एक आदमी ने चूहेदान में पनीर के टुकड़ा रखने की बजाय पनीर के टुकड़े की फोटो लगा दी. चूहा भी कहां कम था? वह भी चूहेदान में चूहे की फोटो लगाकर नौ दो ग्यारह हो गया.”

”कहना क्या चाहते हो?”

”मैं भी मुस्कुराता हुआ इमोजी लगाकर तुम्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं कह दूंगा!”

इसके साथ ही इमोजीस से वार्तालाप समाप्त करने की इजाजत लेकर आगे बढ़ने में ही मैंने अपनी भलाई समझी.

world emoji day

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।