गीत/नवगीत

हास्य-व्यंग्य- पपुआ नाक लिहिस कटवाय

(आल्हा छंद पर आधारित)

पहिले पपुआ लड़िस लड़ाई फिर ऊ दीन्हेस शीश झुकाय.
बोला-हमका संस्कार सब बीजेपी है दिहिस सिखाय.

का हिंदू हैं का हैं शिव जी हमका सब कुछ दिहिस बताय.
एहिके ख़ातिर आभारी हन-कहि पहुँचा मोदी तक धाय.

मोदी जी से कहिस उठौ अब तुमका लेई गले लगाय.
इतनी जल्दी यो का हुइगा मोदी जी कुछ समझ न पाय.

पपुआ उनके गले जबरिया आपन गरदन दिहिस फँसाय.
फिर वापस चल दीन्हेस झटपट तौ मोदी जी लिहिन बुलाय.

हाथ मिलाके पीठ ठोंक के काने मा यो दिहिन बताय-
बस चुनाव तक धीर धरौ तुम फिर हम शादी देब कराय.

ख़ुश होइ लौटा ऊ कुर्सी पर लेकिन ख़ुशी सही ना जाय.
बैठत ही कुर्सी पर आपन बायीं आँखी दिहिस दबाय.

देश और दुनिया सब देखिस अब आपस मा रही बताय.
देखौ-देखौ आजौ पपुआ आपन नाक लिहिस कटवाय.

डॉ. कमलेश द्विवेदी