Monthly Archives: July 2018


  • पावन सावन में भक्तों को

    पावन सावन में भक्तों को

    पावन सावन में भक्तों को, शिव शंकर इतना वर देना। जो भी दर पर शीष झुकाएं, उनके कष्ट दूर कर देना।। देव दया के हो तुम ही तो, सकल श्रृष्टि के संचालक हो। तुम ही पालक...

  • शिवशंकर की महिमा

    शिवशंकर की महिमा

    मेरे शिवशंकर की महिमा अपरम्पार  जो शिव का स्मरण करते हैं, उनका बेड़ा पार-मेरे शिवशंकर की————– 1.जटाजूट में सोहे गंगा मस्तक पर है प्यारा चंदा सर्पों के आभूषण सोहें, सर्पों की है माल-मेरे शिवशंकर की————– 2.वामभाग...

  • टिफीन और डिनर

    टिफीन और डिनर

    वही डेढ़-दो बज रहे होंगे।कबाड़ी के दुकान में काम कर रहा दुखना मालिक से बोला-“मालिक खाए खातिर 50₹ दे देते।” मालिक- “खाना…..! होटल में खाएगा! घर से टिफीन लेकर क्यों नहीं आया?” दुखना- “मालिक, कनिया के...

  • तुम्हारा नाम लिखता हूं

    तुम्हारा नाम लिखता हूं

    तुम्हारा नाम लिखता हूं मैं सुबहो शाम लिखता हूं। तुम्हारे इन लवों को मैं गाफ़िल-ए-जाम लिखता हूं। धरा पर तुमको तो अपना मैं चारों धाम लिखता हूं। रुप की राशि तुम प्रिये मैं तुमको काम लिखता...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    कैसी पलकों में है ये नमी कुछ तो है। अब  लगे ज़िंदगी में कमी कुछ तो है। बेवज़ह  कोन  जीता  है इसको  यहां, आदमी  के  लिये  ज़िंदगी कुछ तो  है। चढ़ के उतरे कभी फिर उतर...

  • इंसानियत पुरस्कृत हुई

    इंसानियत पुरस्कृत हुई

    डॉक्टर भारत वटवानी को रैमन मैगसायसाय अवॉर्ड प्राप्त होने की सूचना मिली तो स्वाभाविक रूप से वे हर्षित और उत्साहित तो थे ही, उनको पिछले कई सालों की घटनाएं भी याद आने लगीं. किसी भी दुःखी इंसान...


  • हमारी प्रगति की दास्तान

    हमारी प्रगति की दास्तान

    हमने कुछ वर्षों में इतनी उन्नति कर ली है की यदि आज रावण दुर्योधन कंस आ जाएँ तो हमारी उन्नति देखकर दांतों तले उंगलिया दबा लेंगें । वो बहुत इतराते थे की हमारे जैसा कौन होगा...

  • दोहे

    दोहे

    सावन पावस की महिमा प्रबल ,चहुँ दिस बसी उमंग | हरी भरी धरती लगे , झरे प्रीत मकरंद || बरसे सावन बादरी , नाच रहे हैं मोर | कोयल कुहके बाग में , मन मे उठे...