प्लास्टिक से आजादी

हम भारत के जागरुक बच्चे,
चाहते प्लास्टिक से आजादी,
प्लास्टिक के उपयोग से बोलो,
करें क्यों अपनी बरबादी?
स्वतंत्रता दिवस मनाना मन से, 
प्लास्टिक के झंडे क्यों लेंगे?
प्लास्टिक का उपयोग न करने का,
संकल्प आज ही हम लेंगे,
खादी के झंडे खरीदकर,
खादी को प्रोत्साहन देंगे,
कागज के झंडे न खरीदें,
सबको सलाह ये हम देंगे.
छोटा-सा प्रयास हमारा,
देश को आगे बढ़ाएगा,
बच्चों को ही नहीं बड़ों को भी,
प्रयास हमारा भाएगा.
प्लास्टिक बैग्स-झंडे-बोतलें,
उपयोग न करने के बनें आदी,
प्लास्टिक से आजाद हुए तो,
होगी सच्ची आजादी.

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।