Monthly Archives: September 2018




  • नानी आई

    नानी आई

                                     बाल काव्य सुमन संग्रह से बाल गीत   16.नानी आई   नानी आई, नानी आई टॉफी-चॉकलेट-बिस्कुट लाई. बेसन के लड्डू और...


  • दिलों की दूरियाँ

    दिलों की दूरियाँ

    “जल्दी आ- जल्दी आ” दूर कर लोगो के दिलों के फासले दिन अब अच्छे आयेंगे इसमे कोई दो राय नहीं – दिलों के फासले, मिट जायेंगें दूरियाँ कम न होंगी ट्रेन की रफ्तार बढ़ा के दूरियाँ...


  • ठोकर

    ठोकर

    हमको अब सारी दुनिया को बताना है सभी चेहरों को मैंने पहचाना है यहाँ सभी ने नक़ाब पर नक़ाब पहने है ठोकर खाकर मैंने सबकुछ जाना है लोग बाहर से मीठे अंदर से विषैले हैं अपने...

  • आगो़श में

    आगो़श में

    आगो़श में ********* आ सुस्ता लें जिन्दगी के सफर से चुरा कर कुछ पल अहसास जी लें कुछ सपने तेरे कुछ मेरे बनके रह जाती हूँ बुत सी तेरी बांहों में आकर ठहर जाये ये सांसों...

  • क्या मिला!

    क्या मिला!

    जो दुनिया मेंआया है उसे जाना ही है, यह नियम अटल है. उसकी भी सांसें उखड़ रही थीं. बुझने से पहले दीपक की लौ कुछ अधिक ही फड़फड़ाती है, उसकी स्मृति भी कुछ अधिक स्पष्ट हो...