धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

क्या हमारा वर्तमान का जन्म पिछले जन्म का पुनर्जन्म नहीं है?

ओ३म् वेद और वैदिक परम्परा में ईश्वर व जीवात्मा को सनातन, अजन्मा, अमर, अविनाशी, जन्म व मरण के बन्धन में बन्धा हुआ और कर्मों का कर्ता और उसके फलों को भोगने वाला माना गया है। वेद क्या हैं? वेद ईश्वरीय ज्ञान है जो ईश्वर ने सृष्टि को बनाकर मनुष्यादि प्राणियों की अमैथुनी कर सृष्टि के […]

कविता

कोशिश

कभी हँसकर,कभी रोकर कभी रूठकर,कभी मनाकर कभी घुटकर, कभी खुलकर कभी कहकर, कभी सहकर कभी चुपचाप,कभी खामोशी कभी बोलकर,कभी समझौते कभी कभार लड़- झगड़कर भी कभी समझकर, कभी समझाकर कभी परायों को देखकर कभी अपनों के खातिर कुछ रिस्ते निभाने का कुछ रिस्ते सजाने का करता रहता हूँ लगातार प्रयास जिससे जीवन में मिले एक […]

ब्लॉग/परिचर्चा लेख स्वास्थ्य

दिल का मामला है

विश्व ह्रदय दिवस के अवसर पर विशेष दिल का मामला है… दिल ही तो है… दिल एक मंदिर है… अगर दिल हमारा, शीशे के बदले पत्थर का होता… दिल ने फिर याद किया… दिल ने पुकारा… आदि आदि … बहुत कुछ लिया जा चुका है दिल के बारे में… पर यह दिल है कि मानता […]

राजनीति

आधार पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक, विपक्ष का झूठा प्रचार ध्वस्त

सुप्रीम कोर्ट ने आधार पर अपना ऐतिहासिक फैसला सुना दिया है जिसका लम्बे समय से इंतजार हो रहा था तथा इस फैसले पर पूरा भारत ही नहीं अपितु विश्व के कई देशों में भी निगाह थी। आधार को अब एक व्यापक व संतुलित पहचान मिल गयी है। आधार अब संवैधानिक व वैध व्यवस्था बन गया […]

राजनीति

लेख– जनसरोकारों पर बात हो सिर्फ़ सियासतदानों की तरफ़ से!

देश की रीढ़ कृषि और भविष्य निर्माण करने वाली शिक्षा व्यवस्था दोनों की स्थिति नाजुक है। एक तरफ देश का किसान बेबश और लाचार हैं, तो दूसरी ओर शिक्षा व्यवस्था का भी बेडा गर्त है। ऐसे में देश तरक्की की तरफ़ कैसे राजनीति की पाठशाला के मुताबिक बढ़ रहा, यह समझ से बाहर है। देश […]

सामाजिक

आलेख– गांधी का जीवन-दर्शन, हम और हमारी व्यवस्था

डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के मुताबिक दर्शन का उद्देश्य जीवन की व्याख्या करना नहीं, जीवन को बदलना है। ऐसे में अगर हम बात राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की करते हैं, तो उनके जीवन सिद्धान्त अपने-आप में कदापि दर्शन से कमतर नहीं है। जिस पद्धति पर अगर आज मानव समाज चलें। तो वह अनगिनत दुश्वारियों और समस्याओं से […]

कविता

लौह रूपिणी

सोमवार को लांस नायक संदीप सिंह कश्मीर में मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए। उसने तीन आतंकवादियों को मार गिराया। उनके 5 साल के बेटे ने पार्थिव शरीर को सेल्यूट किया। उनकी मां कुलविंदर कौर ने बेटे के पार्थिव शरीर को कंधा दिया। मेरी रचना समस्त जवानों को, मां एवं देशवासियों को समर्पित है……..एवं श्रृद्धांजलि…….!! […]

सामाजिक

आलेख– सुरक्षा कवच बचाव का ढाल बनें, बदलें का अस्त्र नहीं!

स्वामी विवेकानंद ने अपने वक्तव्य में कहा है, कि हिन्दू समाज में से एक मुस्लिम या ईसाई बने, इसका मतलब यह नहीं कि एक हिन्दू कम हुआ बल्कि इसका मतलब हिन्दू समाज का एक दुश्मन और बढा । यह प्रवृत्ति हमारे समाज में तेजी से बढ़ रही। तो ऐसा लोकतांत्रिक और संवैधानिक व्यवस्था के नाक के […]

बाल कविता

हम बालक

हम बालक छोटे अज्ञानीक्यों करे कोई छल बताओ हमको पसंद है चॉकलेट टॉफीक्यों खा जाते बड़े लोग बताओ हम बालक जब मांगे खिलौनेदेते हैं हमको क्यों यह ताने पढ़ो लिखो वक़्त न आयेगा लौटकरक्या बचपन लौटकर आएगा बताओ हम बालक सब प्रेम से रहते क्यों कहते लोग हमें बंदर करते जब बडे कोई मनमानीक्यों नहीं कहती […]

लघुकथा

संबंध

संबंध रजनी और अमर दोनों कामकाजी दंपत्ति थे । रजनी के किसी से अवैध संबंध हैं इसी की आशंका जताते हुए अमर ने न्यायालय में तलाक का मुक़दमा दायर कर रखा था । अमर ने उसे अपना घर छोड़कर जाने के लिए कई बार कहा लेकिन वह हर बार उतनी ही ढिठाई से उसे जवाब […]