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कवि एंव पत्रकार लाल बिहारी लाल साहित्य रत्न से सम्मानित

नई दिल्ली। चिरप्रतीक्षित-कथा कौमुदी, काव्य कलश, सीप के मोती, और हास्य के रँग, चारों साझा सँकलनों, जिसमें अलग-अलग प्रदेश से साहित्यकार जुड़े हैं,का लोकार्पण आर्य समाज मँदिर,जनकपुरी में किया गया। मुख्य अतिथि रिटायर्ड जज श्री जय भगवान शर्मा , विख्यात गीतकार एवं पटकथा लेखक श्री प्रेम भारद्वाज, वरिष्ठ समाज सेवी श्री बी एस मक्कड़  अनुराधा प्रकाशन के संस्थापक श्री मनमोहन शर्मा शरण, समाज सेवी और अनुराधा प्रकाशन की संरक्षिका एवँ क्रिएटिव डायरेक्टर श्रीमति कविता मल्होत्रा द्वारा चारों पुस्तकों का लोकार्पण किया।

इस समारोह का कुशल मंच सँचालन हीरेन्द्र चौधरी  ने किया। पूर्व जज साहब जय भगवान शर्मा  ने मनमोहन शर्मा की सराहना करते हुए कहा कि साहित्य में उनके अनूठा योगदान सराहनीय है। साथ ही साथ उन्होने इस तरह के  हिंदी सेवा के लिए  बधाई भी दी। प्रेम भारद्वाज ने विश्वास और माँ के प्रति समर्पित रचनाएँ सुनाकर सबका मन मोह लिया। बी एस मक्कड की उत्साहवर्धक प्रस्तुति ने तो सभागार में उपस्थित सभी को स्तब्ध कर दिया। मनमोहन शर्मा जी ने चारों पुस्तकों पर प्रकाश डालते हुए साझा सँग्रहों से जुड़े सभी रचनाकारों को हार्दिक बधाई दी। कविता जी ने अपनी संवेदनशील शैली में किन्नरों के संवेदनशील मुद्दे पर एक बेहद मर्मस्पर्शी रचना सुनाई।कविता जी ने सभी सहभागियों को उत्कृष्ट लेखन की बधाई देते हुए कहा कि अनुराधा प्रकाशन मानव मूल्यों को समर्पित प्रकाशन है जिसमें राजनीति की कोई जगह नहीं है। इस आयोजन में एक लघु काब्य गोष्ठी का भी आयोजन किया गया जिसमें कंचन गुप्ता,हरि प्रकाश गुप्ता, कवि एवं पत्रकार लाल बिहारी लाल ने देश भक्ति से ओतप्रोत कविता हमारा हिन्दुस्तान पढ़ी जिसें लोगो ने काफी सराहा गया। इस कड़ी को आगे ब़ढ़ाया जसवंत सिंह गुर्जर,दिनेश कुमार द्रोण आदी ने । हाइकू संकलन सीप के मोती के संपादकीय टीम में लाल बिहारी लाल भी सम्मिलत थे। इस कारण इन्हें साहित्य रत्न से अतिथि जय भगवान शर्मा द्वारा सम्मानित किया गया। काव्य गोष्ठी से होता हुआ सम्मान समारोह के बाद मनमोहन शर्मा ने आये हुए सभी अतिथियों एवं साहित्य प्रेमियों को हार्दिक बधाई दी।

 रवि शंकर

 

परिचय - लाल बिहारी गुप्ता लाल

जन्म : 10 अक्टूबर 1974 जन्म स्थान : ग्राम+पो. श्रीरामपुर, भाया - भाथा सोनहो, जिला-सारण (छपरा), बिहार-841460 माता : (स्व.) मंगला देवी पिता : (स्व.) सत्य नरायण साह पत्नी : श्रीमती सोनू गुप्ता संतान : पुत्र ज्येष्ठ—रवि शंकर (11वीं अध्ययनरत); कनिष्ठ—कृपा शंकर (11वीं अध्ययनरत) शिक्षा : स्नातकोत्तर (एम.ए.)-हिन्दी सम्प्रति : वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, उद्योग भवन, नई दिल्ली में कार्यरत संपादित कृतियाँ : 1. समय के हस्ताक्षर (2006) 2 लेखनी के लाल (2007) 3 माटी के रंग (2008) 4 धरती कहे पुकार के (2009) तथा कोलकाता से प्रकाशित हिन्दी साहित्यिक पत्रिका “साहित्य त्रिवेणी” के पर्यावरण विशेषांक का संपादन (2011) भाषा ज्ञान : हिन्दी, भोजपुरी एवं अंग्रेजी विशेष : हिन्दी एवं भोजपुरी की कविताएँ एवं गीत देश के विभिन्न साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं में छपती रहती हैं। लाल कला साहित्य एवं सामाजिक चेतना मंच (रजि.) बदरपुर, नई दिल्ली-110044 के संस्थापक सचिव। भोजपुरी गीतों का आडियो एवं वी.सी.डी. टी. सीरीज, एच. एम. वी., वीनस सहित देश की कई नामी-गिरामी कंपनियों से बाजार में हैं। संपर्क : 265 ए / 7, शक्ति विहार, बदरपुर, नई दिल्ली - 110044 फोन : 098968163073 // 07042663073 ई-मेल : lalbihari74@gmail.com, lalkalamunch@rediffmail.com

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