Monthly Archives: September 2018


  • मेरे राम!!

    मेरे राम!!

    जब भी संकट पड़ा हिंद पर , मुख से निकला जय श्री राम । जब भी कोई रावन जन्मा , मुख से निकला जय श्री राम ।। ऋषियों पर संकट आया , मुख से निकला जय...

  • या फिर

    या फिर

    या फिर बहुत कुछ अव्यक्त सा जरा-जरा अभिव्यक्त सा बहुत कठिन है ये दौर कितनी परीक्षाएँ मौन रह जाना या फिर साहस के साथ लड़ते रहना बहुत कुछ खो देने के बाद भी संघर्ष करते रहना...



  • कविता – कोरे पन्ने

    कविता – कोरे पन्ने

    कुछ दिनों से ये दिल कुछ कहता है न सुनता है सुस्त सुस्त सी लेखनी किसी कोने से चुपचाप बाट जोहती है कोरे कोरे से पन्नों की फड़फड़ाहट भी सुनाई नहीं देती आजकल मन उलझा है...

  • दीपक

    दीपक

    बाल काव्य सुमन संग्रह से बाल गीत दीपक प्रेम-प्यार का दीपक प्यारा, जग-अंधियारा हरता है. आंधी और तूफानों से भी, तनिक नहीं यह डरता है. खुद जलकर औरों को देता, सुखदाई-तमहारी उजास. इससे सीखें हरदम देना,...

  • मेच फिक्सिंग

    मेच फिक्सिंग

    “सबूतों और गवाहों के बयानों से यह सिद्ध हो चुका है कि वादी द्वारा की गयी ‘मेच फिक्सिंग’ की शिकायत सत्य है, फिर भी यदि प्रतिवादी अपने पक्ष में कुछ कहना चाहता है तो न्यायालय उसे...

  • ‘महा शतावधानी’

    ‘महा शतावधानी’

    ”बधाई हो, आप कल ‘महा शतावधानी’ बन जाएंगे.” 17 वर्षीय जैन साधु मुनि पद्म प्रभचंद्रसागर से साक्षात्कर्त्ता ने कहा. ”जय जिनेंद्र जी की कृपा रही तो.” मुनि का जवाब था. ”’महा शतावधानी’ में 3 शब्द हैं,...