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कमाल के किस्से-9

ये कमाल क्या है? कमाल क्यों होता है? कमाल कब होता है? कुछ पता नहीं, पर हो जाता है. चलिए आज हम फिर कमाल की ही बात कर लेते हैं. पहले प्रस्तुत हैं कमाल के किस्से की पिछली कड़ी में आए कुछ पाठक-कामेंटेटर्स के विचार-

कमाल के कामेंट्स-

1.योग के लाभ का जीता-जागता उदाहरण हैं तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले की 98 वर्षीय नानाम्मल अम्मा, जिनकी पांच पीढ़ियां योग से जुड़ी हैं. वह आज भी इतनी फिट हैं कि वह कभी अस्पताल नहीं गई. वे योग के फायदों के बारे में बताती रहती हैं. योग से उनके लीवर, किडनी और हार्ट जैसे अंग पूरी ऊर्जा के साथ काम करते हैं. इससे गर्भाशय से जुड़ी समस्याओं का भी समाधान होता है. वह 20 से अधिक कठिन आसनों को बेहद आसानी से कर लेती हैं। उनकी दिनचर्या भी गजब की है. उनकी आंखों की रोशनी बरकरार है. छोटे-छोटे बच्चों को योग सिखाने में उनको बहुत मजा आता है. वे फूड और योग के फायदों को लेकर स्कूली छात्रों की क्लास भी लेती हैं. उनसे सीखने के लिए बहुत कुछ है.
सुदर्शन खन्ना

2.इंडोनेशिया की एक कंपनी ने शॉपिंग के ऐसे थैले बना दिए हैं, जिन्हें आपको फेंकने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि इस्तेमाल करने के बाद आप इन्हें पानी में घोल कर पी सकते हैं. दरअसल इन थैलों को कसावा की जड़ से बनाया जाता है. मज़बूती में बेजोड़ हैं. हल्के गरम पानी में डालने से घुल जाते हैं और वह पानी पी सकते हैं. कसावा की जड़ के लाभ भी मिल जाते हैं. कसावा पृथ्वी के उष्णकटिबंधीय और उप-उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में उगाया जाने वाला एक क्षुप है जिसकी मोटी जड़ आलू की तरह मंड से युक्त होती है. कसावा सूखे की परिस्थिति में और कम-ऊपजाऊ धरती पर भी उग सकने वाला पौधा है. कसावा मीठी और कड़वी नस्लों में मिलता है.
सुदर्शन खन्ना

कमाल का मौका-
ब्राजील में महिला ने एक साथ तीन बच्चों को जन्म दिया. ऑपरेशन के जरिए डिलिवरी कराई गई और बारी-बारी से बच्चों को बाहर निकाला गया. पहले बच्चे का जन्म तो सामान्य था, लेकिन जब दूसरे और तीसरे बच्चे बाहर आए तो वो एक पॉलीथिन जैसे आवरण में थे. डॉक्टर्स और बाकी स्टाफ के लिए ये बिल्कुल नया और पहला अनुभव था. इनमें से तीसरा बच्चा तो इस थैली में करीब 7 मिनट तक सोता रहा और डॉक्टर्स के लिए तब तक कोई फैसला लेना मुश्किल हो गया. डॉक्टर्स का कहना है कि जिंदगी में मुश्किल से ही ऐसी चीजें देखने का मौका मिलता है.

कमाल का फैसला-
करोड़ों रुपये की संपत्ति त्यागकर गुजरात के भाई-बहन संन्यासी बनने जा रहे हैं. वे कपड़ा व्यवसायी के बच्चे हैं. 9 दिसंबर को सूरत में आयोजित दीक्षा समारोह में यश वोरा (20) दीक्षा लेने के बाद साधु बनेंगे तो उनकी बहन आयुषि वोरा (22) संन्यासिन बन जाएंगी. दोनों जहां कार पर चलते थे, अब वे पैदल चलेंगे. ब्रैंडेड कपड़ों का त्याग करके दोनों साधारण सफेद सूती कपड़े धारण करेंगे. उनका भोजन सात्विक होगा. दोनों के पिता भरत वोरा (57) ने बताया कि उनका कपड़ों का बड़ा व्यापार है। खुद का अडाजन में एक बड़ा बंगला है. पैतृक गांव में संपत्ति है लेकिन वे अपने बच्चों के फैसले से खुश हैं. उन्होंने कहा कि उनके गांव वाव-थारड बनासकांठा में 15 घर हैं. सिर्फ मेरे घर को छोड़कर सबके घर में संन्यासी हैं. उनका एक और बेटा है. बड़ा होने पर वह उसे भी संन्यासी के रूप में ही देखना चाहते हैं.

कमाल का संकल्प-
केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर छिड़े संग्राम के बीच 9 साल की बच्ची की तस्वीर हर किसी का ध्यान खींच रही है. उसके हाथ में एक पोस्टर है. उस पोस्टर पर लिखा है- ‘जब वह 50 साल की हो जाएगी, वह सबरीमाला जरूर वापस आएगी.’ तमिलनाडु के मदुरैई की रहने वाली इस बच्ची का नाम जननी है. वह अपने पैरंट्स के साथ सबरीमाल मंदिर में दर्शन करने को आई थी.

कमाल का ‘रावण’-
दशहरे पर देशभर में रावण दहन कर खुशियां मनाई गईं लेकिन अमृतसर में ‘रावण’ की मौत से लोग गमजदा हैं. अमृतसर में जोड़ा फाटक की रामलीला में रावण का किरदार निभाने वाले दलबीर सिंह भी ट्रेन हादसे का शिकार हो गए. शुक्रवार को रावण की भूमिका निभाने के बाद दलबीर रेल की पटरियों पर खड़े होकर पुतले को जलते हुए देख रहे थे, तभी 60 अन्य लोगों के साथ ट्रेन की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई. खास बात यह है कि दलबीर ने अपनी जान की परवाह किए बिना कई लोगों को रेल की पटरियों से हटाकर उनकी जान बचाई थी. दलबीर के एक दोस्त ने बताया कि तेज रफ्तार से आ रही ट्रेन को देखकर वह (दलबीर) उन्हें बचाने के लिए भागा था. इसी दौरान ट्रेन ने उसे कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई. दलबीर की आठ माह की एक बेटी है.

कमाल की सेवानिवृत्ति-
भिंड के नए कलेक्टर एस. धनराजू ने पहले ही दिन बड़ी कार्रवाई की है. स्वास्थ्य कारण बताकर चुनावी ड्यूटी से छुट्टी लेने वाले एक अधिकारी और एक अध्यापक को कलेक्टर ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है. कलेक्टर ने इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिए.

कमाल के हाथी-
अफ्रीकी देश नामीबिया में हाथियों का शिकार करना दो लोगों को भारी पड़ गया जब हाथियों के झुंड ने उन्हें दौड़ाना शुरू कर दिया. शिकारी की गोली एक हाथी को जैसे ही लगी, बदला लेने के लिए हाथियों का झुंड उनके पीछे दौड़ा और उनकी जान पर बन आई.

कमाल की कामयाब जोड़ी-
एक कहावत है- ‘इट्स ऑल अबाउट हंटिंग इन पेयर्स.’ दूसरे शब्दों में कहें तो जोड़ी में किसी चीज को करने का अपना मजा होता है. क्रिकेट की दुनिया ऐसे उदाहरणों से भरी पड़ी है. ग्रीनिच-हेंस, सचिन-सौरभ, गिलक्रिस्ट-हेडन इस कड़ी का हिस्सा हैं. विराट कोहली और रोहित शर्मा के बीच कई रेकॉर्ड हैं. यह जोड़ी मौजूदा दौर के वनडे क्रिकेट की सबसे खतरनाक जोड़ियों में शुमार हैं. रोहित और विराट के बीच 5 बार वनडे क्रिकेट में डबल सेंचुरी पार्टनरशिप हुई है.

कमाल के कोहली-
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने वेस्ट इंडीज के खिलाफ विशाखापत्तनम मैच के दौरान अपने नाम एक और रेकॉर्ड दर्ज कर लिया है. कोहली वनडे इंटरनैशनल में सबसे कम पारियों में 10 हजार रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बन गए हैं. उन्होंने सचिन तेंडुलकर के 17 साल पुराने वर्ल्ड रेकॉर्ड को तोड़ दिया है. इस मैच से पहले विराट कोहली के नाम 212 मैचों की 204 पारियों में 9919 रन थे. उन्हें इस रेकॉर्ड तक पहुंचने के लिए 81 रनों की जरूरत थी.

कमाल की योग-जानकारियां-
प्रेषक- सुदर्शन खन्ना
भाग-3

21. *सोकर उठते समय* हमेशा दायीं करवट से उठें या जिधर का *स्वर* चल रहा हो उधर करवट लेकर उठें.

22. *पेट के बल सोने से* हर्निया, प्रोस्टेट, एपेंडिक्स की समस्या आती है.

23. *भोजन* के लिए पूर्व दिशा , *पढ़ाई* के लिए उत्तर दिशा बेहतर है.

24. *HDL* बढ़ने से मोटापा कम होगा LDL व VLDL कम होगा.

25. *गैस की समस्या* होने पर भोजन में अजवाइन मिलाना शुरू कर दें.

26. *चीनी* के अन्दर सल्फर होता जो कि पटाखों में प्रयोग होता है, यह शरीर में जाने के बाद बाहर नहीं निकलता है. चीनी खाने से *पित्त* बढ़ता है.

27. *शुक्रोज* हजम नहीं होता है *फ्रेक्टोज* हजम होता है और भगवान की हर मीठी चीज में फ्रेक्टोज है.

28. *वात* के असर में नींद कम आती है.

29. *कफ* के प्रभाव में व्यक्ति प्रेम अधिक करता है.

30. *कफ* के असर में पढ़ाई कम होती है.

योग की इन कमाल की जानकारियों के तीसरे भाग के साथ ही ‘किस्से कमाल के’ की इस कड़ी को हम यहीं पर विराम दे रहे हैं. आप भी कामेंट्स में कमाल के अन्य किस्से भेज सकते हैं. कामेंट्स में आए आपके कमाल के किस्से अगली कड़ी में आप अपने नाम से देख पाएंगे.

*लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं। लीला तिवानी 57, बैंक अपार्टमेंट्स, प्लॉट नं. 22, सैक्टर- 4 द्वारका, नई दिल्ली पिन कोड- 110078 मोबाइल- +91 98681 25244

3 thoughts on “कमाल के किस्से-9

  • गुरमेल सिंह भमरा लंदन

    बहुत अच्छा लेख लीला बहन .कमाल की बातें सबी बेहतरीन लगीं .योग वाकई बहुत फायदेमंद है . आज तक जिंदा हूँ तो सिर्फ हलके फुलके योग आसनों से . थोडा सा आर्थ्राइटस था वोह भी भाग गिया . आप के ब्लॉग भी हमेशा कमाल ही होते हैं . आप भी जिंदाबाद .

    • लीला तिवानी

      प्रिय गुरमैल भाई जी, यह जानकर अत्यंत हर्ष हुआ, कि हमेशा की तरह यह ब्लॉग भी आपको कमाल का लगा. आप आशीर्वाद देते जाइए और इसका कमाल देखते जाइए. ब्लॉग का संज्ञान लेने, इतने त्वरित, सार्थक व हार्दिक कामेंट के लिए हृदय से शुक्रिया और धन्यवाद.

  • लीला तिवानी

    प्रिय ब्लॉगर सुदर्शन भाई जी, आपने कामेंट्स, फेसबुक और मेल से शानदार-जानदार कमाल के किस्से भेजे हैं, बहुत-बहुत शुक्रिया. आपके द्वारा भेजी हुई योग की जानकारियां भी लाजवाब हैं, हम इन पर अमल करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. हमारी तरफ से एक कमाल का किस्सा-

    पी एम मोदी जी भारत के प्रथम प्रधानमंत्री है जिनको विश्व के कई प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया है. सोल शांति पुरस्कार सांस्कृतिक प्रतिष्ठान बुधवार को दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल में ,भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में योगदान और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए ‘सोल शांति पुरस्कार’ से नवाजे जाने की घोषणा की.

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