समाचार

वाल्मीकि जयंती खुशबू विकास सहयोगी समिति की ओर से मनाई गई नई

दिल्ली। संस्कृत के आदी कवि महार्षि बाल्मीकि की जंयती बदरपुर में खुशबू विकास सहयोगी समिति की ओर से मनाई गई। जिसके मुख्य अतिथि बदरपुर के विधायक पं. नरायण दत शर्मा थे। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रुप मे समाजसेवी एवं पत्रकार लाल बिहारी लाल ने अपने वक्तब्य मे कहा कि ज्ञान एवं कर्म के दम पर मानव महान बनता है। इसका जीता जागता उदाहरण डाकू रत्नाकर से महर्षि बने वाल्मीकि जी है। इनके पद चिन्हों पर चलना कठिन है पर नामुमकिन नहीं।  मानव कल्याण के लिए महर्षियों का जीवन अनुकरणीय है। इन्होनें संस्कृत में ऐतिहासिक ग्रंथ रमायण की रचना की जो आदि काब्य ग्रंथ है औऱ मर्यादा पुरुषोतम राम को मर्यादा पुरुष के रुप में भारत के घर घर में पहुँचा दिया। वही मुख्य अतिथि पं.नरायण दत शर्मा ने कहा कि आदमी जन्म कही भी ले पर अपने कर्म एवं हठ के दम पर महान बनता है। जो बालमीकि जी ने किया। खुशबू विकास सहयोग समिति के अध्यक्ष राकेश कोहली ने वाल्मिकि जी के बारे में बताया कि जो राम का उच्चारण भी ठीक से नही कर पाते थे वे कर्म एवं लगन से आदि कवि बन गये औऱ कालजयी ग्रंथ रमायण की रचना कर डाली। कवि के रुप में नानक चंद जी एवं गिरीराज गिरीश जी ने भी अपनी-अपनी भूमिका का निर्वाहन बा-खूबी किया और बाल्मीकि जी पर रोचक एंव मर्मस्र्पर्शी कवितायें    सुनाई।समाजसेवी एवं एम.टी.एन.एल. के सदस्य गौरव बिंदल ने भी इनके पद चिन्हों पर चलने को कहा।  वही इस क्षेत्र के कई गन्य मान्य जिनमें- भीर भान सिंह, राधे श्याम जी,भाई लाल, प्रेम कुमार, श्रीमति रेखा,आशा यादव,सुनिती आर.एम. तिवारी तथा बदरपुर  महिला पंचायत टीम के महिला सहित सैकड़ो महिलाये मौयूद थी।

 

 

परिचय - लाल बिहारी गुप्ता लाल

जन्म : 10 अक्टूबर 1974 जन्म स्थान : ग्राम+पो. श्रीरामपुर, भाया - भाथा सोनहो, जिला-सारण (छपरा), बिहार-841460 माता : (स्व.) मंगला देवी पिता : (स्व.) सत्य नरायण साह पत्नी : श्रीमती सोनू गुप्ता संतान : पुत्र ज्येष्ठ—रवि शंकर (11वीं अध्ययनरत); कनिष्ठ—कृपा शंकर (11वीं अध्ययनरत) शिक्षा : स्नातकोत्तर (एम.ए.)-हिन्दी सम्प्रति : वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, उद्योग भवन, नई दिल्ली में कार्यरत संपादित कृतियाँ : 1. समय के हस्ताक्षर (2006) 2 लेखनी के लाल (2007) 3 माटी के रंग (2008) 4 धरती कहे पुकार के (2009) तथा कोलकाता से प्रकाशित हिन्दी साहित्यिक पत्रिका “साहित्य त्रिवेणी” के पर्यावरण विशेषांक का संपादन (2011) भाषा ज्ञान : हिन्दी, भोजपुरी एवं अंग्रेजी विशेष : हिन्दी एवं भोजपुरी की कविताएँ एवं गीत देश के विभिन्न साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं में छपती रहती हैं। लाल कला साहित्य एवं सामाजिक चेतना मंच (रजि.) बदरपुर, नई दिल्ली-110044 के संस्थापक सचिव। भोजपुरी गीतों का आडियो एवं वी.सी.डी. टी. सीरीज, एच. एम. वी., वीनस सहित देश की कई नामी-गिरामी कंपनियों से बाजार में हैं। संपर्क : 265 ए / 7, शक्ति विहार, बदरपुर, नई दिल्ली - 110044 फोन : 098968163073 // 07042663073 ई-मेल : lalbihari74@gmail.com, lalkalamunch@rediffmail.com

Leave a Reply