Monthly Archives: November 2018

  •     “ लक्ष्य और दायित्व ”

        “ लक्ष्य और दायित्व ”

    “ लक्ष्य और दायित्व ” मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, इसी समाज में रहते  हुए उन्हें अपने उत्तरदायित्व  को निभाना पडता है जिसमें दो बातें प्रथम रूप से आती है…. पहला अपने जीवन का लक्ष्य और ...

  • मुक्तक

    मुक्तक

    खुद को खुदा समझने वाले, अहंकार में फँस जाते हैं, छोटी-छोटी बातों पर भी, गुस्से से वो लस जाते हैं। अन्धकार में दीप जलाकर, जग को रोशन करने वाले, मानवता हित जीने वाले, अक्सर खुदा सा...


  • कातिल निगाहों को उठाइए जरा

    ये बच्चा सच बहुत बोलता है,यहाँ जी नहीं पाएगा ज़माने के मुताबिक इसे झूठ भी सिखलाइए जरा बेशुमार खुशी बयाँ कर दी सरे-महफिल आपने हर एक खुशी में छिपा दर्द भी दिखलाइए जरा ये सारे नए...

  • नया सवेरा

    नया सवेरा

    गंगापुर में रहनेवाला बिरजू एक सामान्य सा किसान था । अपनी थोड़ी सी खेती में मेहनत करके अपने दोनों बेटों के साथ हँसी खुशी जीवनयापन करता था । खेती से जो भी उत्पन्न होता उसी को...

  • फिर सदाबहार काव्यालय-3

    फिर सदाबहार काव्यालय-3

    इन्तजार हर पल उसका इन्तजार रहता है, दिल उसके लिए बेकरार रहता है, इन्तजार कभी खत्म न हो, इस बात का हमेशा ख्याल रहता है. हालत कह रहे हैं मुलाक़ात नहीं मुमकिन उम्मीद कह रही है...

  • निष्कर्ष

    निष्कर्ष

    ”तुमने मेरा दामन छोड़ दिया क्या?” भेजे हुए संदेश से उम्मीद तनिक नाउम्मीद दिख रही थी. ”ऐसा कैसे हो सकता है, उम्मीद का दामन छोड़कर तो विश्वास के अस्तित्व की संकल्पना भी नहीं की जा सकती.”...

  • नया सवेरा

    नया सवेरा

     नया सवेरा —————— गंगापुर में रहनेवाला बिरजू एक सामान्य सा किसान था । अपनी थोड़ी सी खेती में मेहनत करके अपने दोनों बेटों के साथ हँसी खुशी जीवनयापन करता था । खेती से जो भी उत्पन्न...

  • प्रेम….

    प्रेम….

    प्रेम अहसासों की बंधी एक डोर है रहो चाहे कहीं भी तुम मन खिंचा चला जाता वहीं जिसपर दिल फिदा है एक खास जज्बातों की छांव है प्रेम शीतल ठंडी हवाओं की छुअन स्पर्श करता अंतर्मन...