कविता

दीया प्यार का

दिल के किसी कोने में ,
तेरे प्यार का दीया ,
मैंने जलाया है,।।
हमेशा जलता रहेगा ।
तेरे नाम का दीया,
दिल के आंगन में,
दीये में है तेल,।
मेरे प्यार का ,
तेरी यादों का,
कवच है साथ आस पास,
नही बुझेगा ये दीया,
रहेगा हमेशा रोशन ,
मेरे दिल के कोने को ,
करता रहेगा जगमग। ,
तेरी याद का दीया ,
बन्द होगा तब,जब,
ये दिल धड़कना बन्द करेगा ।।।

सारिका औदिच्य

*डॉ. सारिका रावल औदिच्य

पिता का नाम ---- विनोद कुमार रावल जन्म स्थान --- उदयपुर राजस्थान शिक्षा----- 1 M. A. समाजशास्त्र 2 मास्टर डिप्लोमा कोर्स आर्किटेक्चर और इंटेरीर डिजाइन। 3 डिप्लोमा वास्तु शास्त्र 4 वाचस्पति वास्तु शास्त्र में चल रही है। 5 लेखन मेरा शोकियाँ है कभी लिखती हूँ कभी नहीं । बहुत सी पत्रिका, पेपर , किताब में कहानी कविता को जगह मिल गई है ।