Monthly Archives: November 2018



  • विवश ममता

    विवश ममता

    नंदिनी और उसकी सासु मां, सरोजा एवं ससुर मि. गणेशन, भास्कर को एयरपोर्ट पर छोड़ने आए थे। भास्कर का इस वर्ष पीएचडी की पढ़ाई के लिए अमेरिका के एक यूनिवर्सिटी में सिलेक्शन हो गया था। सबने...

  • गज़ल

    गज़ल

    न कर बर्बाद अपना वक्त ए दीवाने जा नसीब अपना कहीं और आज़माने जा ======================== तेरे अपनों को तो फुर्सत नहीं है सुनने की किस्से अपने अब तू गैरों को सुनाने जा ======================== पहले से ताल्लुकात...

  • दिलखुश जुगलबंदी

    दिलखुश जुगलबंदी

    गुलिस्तां मेरी सल्तनत है इस सल्तनत के हैं हम बादशाह गुंचे भी मिलेंगे हज़ारों यहां ज़र्रा ज़र्रा घूम के तो देख रात के अंधियारे में तारे भी उतरते हैं हमारी सल्तनत में करते हैं गुफ्तगू चले...



  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    बिछड़ कर तुझसे यूं जीना भी क्या कोई ये जीना है तेरा दर ही मेरा मक्का तेरा दर ही मदीना है गमों का शौक है मुझको तभी तो दिल लगाया है कि आंसूं, आहें, तन्हाई भरा...


  • तुम मेरे हो

    तुम मेरे हो

    तुम मेरे हाथ में तो हो पर मेरे लकीरों में नहीं तुम मेरे जिंदगी में तो हो पर मेरे किस्मत में नहीं तुम मेरे ख़्वाबों में तो हो पर मेरे साथ में नहीं तुम मेरे जज्बातों...