गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल -पता हनुमान की है जात जिनको।

बहुत से लोग बेघर हो गए हैं । सुना हालात बदतर हो गए हैं ।। मुहब्बत उग नहीं सकती यहां पर । हमारे खेत बंजर हो गए हैं ।। पता हनुमान की है जात जिनको। सियासत के सिकन्दर हो गए हैं ।। यहां हर शख्स दंगाई है यारो । सभी के पास ख़ंजर हो गए […]

गीत/नवगीत

मैं तुम बिन अधूरी

कैसे भला तुमको मैं ये बताऊं मैं कैसे हुई इतनी तुम बिन अधूरी है यूँ तो खुशी ज़िन्दगी में जहां की हैं सांसें मेरी फिर भी तुम बिन अधूरी न तुमसे मिली थी जब, ऐसी नहीं थी न जानूँ मैं ये भी कि “कैसी नहीं थी?” बस इतना पता है कि जब से मिले हो […]

कविता

भारत की नारी

कभी किसी से नहीं डरी जो , वह भारत की नारी है  दुष्टों के संहार हेतू वह , सौ लोगों पर भारी है   ।। नहीं भूलते हम झांसी को और न उसकी रानी को  मर्दों को लज्जित कर डाले नमन वीर मर्दानी को  जीत लिया दिल उसने  चाहे युद्ध भले वह हारी है दुष्टों के संहार हेतू वह  सौ लोगों पर […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल -तुम्हारे काम वो आए नहीं क्या

नए हालात पढ़ पाए नहीं क्या ।अभी तुम होश में आए नहीं क्या ।। उठीं हैं उगलियां इंसाफ ख़ातिर ।तुम्हारे ख़ाब मुरझाए नहीं क्या ।। सुना उन्नीस में तुम जा रहे हो ।तुम्हें सब लोग समझाए नहीं क्या ।। किये थे पास तुमने जो विधेयक ।तुम्हारे काम वो आए नहीं क्या ।। जला सकती है […]

कविता

तीन तोते

रंगबिरंगे तोते तीन, बजा रहे थे सीख की बीन, नये साल ने दस्तक दे दी, सीख लो अच्छी बातें तीन. पहला तोता बोला सुन लो, मत करना ”ना” ”नहीं” का प्रयोग, ”ना” कहने से नकारात्मकता उपजे, सकारात्मकता का बने न योग. सकारात्मकता जीवन का सार, उत्तम ऊर्जा से करे भरपूर, इंसानियत को दोस्ती करके, दुष्ट […]

लघुकथा

लिखे जो खत तुझे

कामिनी जी बड़ी बेचैनी से डाकिये का इंतजार कर रही थी । आखिर क्यों ना इंतजार करे , गाँव में इण्टरनेट नहीं होने के कारण अपने पोते से चिट्ठी भेजकर ही संदेश और प्यार लुटाती थी ।और रवि भी अपनी दादी को कम से कम महीने में एक खत जरूर भेजता था । डाकिया जैसे […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

भारतीय और अंग्रेजी नववर्ष में जानिए अंतर क्या है?

भारत में कुछ लोग अपना नूतन वर्ष भूल गए हैं और अंग्रेजो का नववर्ष मनाने लगे हैं, उसमें किसी भारतीय की गलती नही है लेकिन भारत में अंग्रेजो ने २०० साल राज किया है और अंग्रेजों ने भारतीय संस्कृति खत्म करके अपनी पश्चिमी संस्कृति थोपनी चाही उसके कारण आज भी कई भारतवासी मानसिकरूप से गुलाम […]

समाचार

डॉ पूनम माटिया अटल काव्य सम्मान से सम्मानित।

नई दिल्ली 28 दिसम्बर. पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर विश्वमित्र परिवार एवं प्रकृति परिवार द्वारा मावलंकर हाल, दिल्ली में एक दिवसीय सेमिनार में “अटल काव्य संध्या” का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में लातूर (महाराष्ट्र) से सांसद डॉ सुनील बलीराम गायकवाड़ एवं डॉ वी के गोस्वामी,एक्टर शिवा रहे। […]

गीतिका/ग़ज़ल

दिल दुखाया नहीं करते

यूं तो हम किसी का भी दिल दुखाया नहीं करते। साथ रह कर भी उनको कभी सताया नहीं करते। बनाना चाहते है वो बेवफा अपनी तरह मुझको, उजाड़ दूसरे का अपना घर बसाया नहीं करते। आज जो है कल जाना ही दुनिया की पुरानी रीत है, पर लोग ऐसे भी हैं जो नई चीज़े बनाया […]