Monthly Archives: December 2018

  • झूठी शान

    झूठी शान

    झूठी शान ( कहानी ) ” क्या कह रहे हो ? ……कैसे ? ………. ये कब हुआ ? ” फोन पर बात करते हुए अशोक बाबू अचानक उत्तेजित हो उठे थे । फोन पर दूसरी तरफ...

  • जन्मदिन

    जन्मदिन

    “@@ जन्म दिन सुदर्शन को कितनी मुश्किल से उसको सिर्फ दस दिन की छुट्टियां मिली है । अपने जीवन का खास दिन वो जीवन देने वाली मां, जीवन के पथ पर साथ देने वाली संगिनी ओर...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    अब जाने की तैयारी है क्या? पुरानी कोई उधारी है क्या? एक हाथ में फूल रखे हो एक हाथ कटारी है क्या? जवान होकर नहीं उठा रहे हो मां-बाप का बोझ भारी है क्या? संसद में...

  • गीत – चौकीदार चोर बतलाया

    गीत – चौकीदार चोर बतलाया

    (रफेल सौदे पर उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद राहुल गांधी जी को चुनावी परिणामो के मध्य आईना दिखाती मेरी नई कविता) चौकीदार चोर बतलाया, गला फाड़ कर चिल्लाए चोर चोर कहते कहते तुम तीन प्रदेश...

  • रिश्ते

    रिश्ते

    बड़े सुंदर उजियाले थे,जब गाँव के घरों में छोटे से आले थे। दिल मे सच्चाई थी,जब गाँव के चूल्हे पर बनते निवाले थे।। एक साथ चूल्हे के सामने बैठकर खाना खाते भाई सभी। एक दूसरे के...

  • मैं नशे में हूँ

    मैं नशे में हूँ

    उजाले मंद हुए , मैं मयखाने चला गया। जख्म उजागर ना हो,मैं पीता चला गया।। जैसे जीवन से कभी नफरत होती थी। बस मैं वैसे ही जीवन जीता चला गया।। चंद बूंदे मय की जो मुझ...

  • बसेरा

    बसेरा

    बसेरा बनाने निकल पड़ा हूँ,पर अंधकार बड़ा गहरा है। रौशनी भी कहीं नही है और जुगनुओं पर भी पहरा है।। डगर भी उथल पुथल है और कोहरा भी बड़ा गहरा है। रुकने का भी वक्त नही...


  • राम का मंदिर

    राम का मंदिर

    अयोध्या नगरी के पास फैजाबाद में एक गरीब परिवार रहता था । दशरथ प्रसाद दिहाड़ी मजदूर था । वह एक छोटी से झोंपड़ी में अपने इकलौते पुत्र बजरंग और पत्नी के साथ रहता था । जो...

  • संयोग पर संयोग-9

    संयोग पर संयोग-9

    ब्लॉगराजकुमार भाई से मुलाकात  एक बार फिर संयोग पर संयोग की बात करते हुए हम राजकुमार भाई से मुलाकात करने चलते हैं. यों तो राजकुमार बहुत हैं. हर एक पुत्र अपने माता-पिता का राजकुमार होता है. राजकुमार...