दूर हुये हैं तुमसे अब हम

दूर हुये हैं, तुमसे अब हम, चाहो तो, खुश हो लेना।
याद कभी आ जायें तुमको, हँसना चाहें रो लेना।।
अब सपनों में ना आयेंगें, रातों को ना जगायेंगे।
बेफ़िकरों से बच्चों जैसे, जगना चाहें सो लेना।।

दूर हुये हैं तुमसे अब हम ……………………………………….

छोटी छोटी बात बताई, नैनों की बरसात कही।
प्यार मुहब्बत में अक्सर ही उजले दिन को रात कही।
भूल जा उनको उन यादों को और किसी के हो लेना।
याद कभी आ जायें तुमको, हँसना चाहें रो लेना।।

दूर हुये हैं तुमसे अब हम ……………………………………….

चाँद सितारें भी संग में हों और दमकती रात मिले।
पड़े जहाँ भी कदम तुम्हारें फूलों की सौगात मिले।
खो जायेंगें हम भी हम खुद में, तुम खुशियों में खो लेना।
याद कभी आ जायें तुमको, हँसना चाहें रो लेना।।

परिचय - सौरभ दीक्षित मानस

नामः- सौरभ दीक्षित पिडिट्स पताः- भवन संख्या 106, जे ब्लाक, गुजैनी कानपुर नगर पिन 208022, उत्तरप्रदेश मो 8004987487, 9760253965