सही भोजन करने से होते हैं फ़ायदे अनेक

नव वर्ष में अपने लोंगों के भोजन में कुछ चीज़ें शामिल करके हम उनका स्वास्थ्य ठीक रख सकते हैं। उसके कुछ उपाय देने की कोशिश कर रही हूँ। जैसे-

1. रात को सोने से पहले पानी में लगभग 20 चने भिगोकर रख दें। सुबह उन्हें चबा-चबाकर खायें। भूनने वाले चने स्वास्थ्य वर्धक व बल वर्धक भी होते है। अगर पेट पर इसका बुरा असर पड़ता है तो सामान्य चने अंकुरित करके नींबू, प्याज़, टमाटर डालकर भी ले सकते हैं। दिमाग की बहुत अच्छी ग्रोथ होती है।
2. कमज़ोर शरीर वाले एक कप पानी में एक बड़ी चम्मच गेहूँ भिगोकर रात में रख दें। सुबह सवेरे उसका पानी पिएँ और गेहूँ चबा सकें तो बहुत लाभकारी रहेगा। यह शरीर को मज़बूत और पुष्ट करती है, साथ-साथ सैल्स को भी मज़बूत करती है। यह कैंसर विरोधी भी मानी जाती है। गेहूँ का पानी पीने से पीलिया, पथरी, मधुमेह और गठिया-बाय जैसी घातक बीमारी भी ठीक होती देखीं गई हैं।
3. सरदर्द की शिकायत होने पर—
दूध में एक चुटकी जायफल उबालकर पिएँ, अगर दूध में ना अच्छा लगे तो गुनगुने पानी में भी ले सकते हैं। सर और दिमाग मज़बूत होगा।
4. जंकफूड बिल्कुल ना खाएँ। रोज़ांना मौसमी फल खाएँ (100-250) ग्राम तक ही खाइयेगा। अन्न की मात्रा कम कर सकते हैं। एक दिन में केला भी सिर्फ़ 2 ही लें। किसी भी चीज़ की अति नुक़सानदायक हो सकती है। मांसाहार का प्रयोग ना करें तो बेहतर होगा क्योंकि जीव हत्या पाप होती है।
5. अधिक पकी और तली सब्ज़ी ना खाएँ क्योंकि ज़्यादा पकाने से उसमें से प्रोटीन ख़त्म हो जाते हैं स्वाद तो ज़रूर मिलता है।
6. रोज़ाना 4 लीटर पानी पीना ही पीना है चाहे कुछ हो जाये। प्रदूषण के समय में तो यह बहुत ही ज़रूरी है। उसमें भी 1 गिलास जल गुनगुना और 1 गिलास ज़्यादा गर्म होना चाहिए।
7. रोज़ाना 1 चम्मच अलसी ज़रूर खाएँ।
8. कम से कम 10 मिनट रोज़ सूर्य के सामने खड़े हों।
9. रोज़ 1 चम्मच शहद लें (अगर फ़ैट है तो गुनगुने जल में और अगर पतले हैं तो दूध में लें, नहीं तो ऐसे भी ले सकते हैं।)
10. दही-चावल का सेवन दिन में करें वो भी लौंग डालकर।
11. समुद्री नमक की मात्रा कम करके सेंधा नमक एक समय अवश्य करें।
12. सप्ताह में एक दिन उपवास रखें वो भी 24 घंटे का (उसमें सिर्फ़ जल, फल और थोड़ा सा नमक भी ले सकते हैं, मीठा बिल्कुल ना लें।)
13. 5 बादाम, 1अखरोट और 20 किशमिश रोज़ाना लें (रात में भिगोकर रख दें, सुबह-सुबह ये सब खा लें और इनका पानी भी पी लें) इससे आप शरीर में बहुत ताक़त महसूस करेंगें।
14. एल्युमिनियम के बर्तन में कुछ भी ना पकाएँ। इन बर्तनों का बहिष्कार करें अपनी रसोई में से।

ऐसा करके हम अपने परिवारजनों की सेहत का ध्यान रख सकते हैं ताकि बीमारी से वह कोसो दूर हो जाएँ और अपना कार्य बिना किसी बाधा के करते जाएँ। अगर आपको इससे कुछ फ़ायदा हो तो बताइयेगा ज़रूर।

— नूतन गर्ग (दिल्ली)

परिचय - नूतन गर्ग

दिल्ली निवासी एक मध्यम वर्गीय परिवार से। शिक्षा एम ०ए ,बी०एड०: प्रथम श्रेणी में, लेखन का शौक