क्रंदन करते रिश्ते

क्रंदन करते रिश्ते

तलाश रहे नई राह

टूटी माला के मोतियों से बिखर रहे हैं

दूर हो रहे अपने धागे से

जिसने सबको एक साथ बांधे रखा

रुई की भांति हल्की हो रही हैं संवेदनाएँ

और उड़ रही हवा के झोंके से

खून अब पानी से पतला हो रहा है

किसे चिंता

उन बूढ़े माता- पिता की

जवानी बच्चों का भविष्य बनाने में निकल गई

और बुढ़ापे में सहमे रहते हैं

क्यूंकि शहर में वृद्ध आश्रम खुल चुका है

चाचा-चाची, मामा-मामी

बुआ-फूफा ये शब्द खो रहे हैं महत्व

जैसे इत्र की गंध उड़ जाती है कुछ देर बाद

भईया भाभी से भी बस फोन पर होती है बात

मित्र-सखा का स्थान

ले लिया है मोबाइल और लैपटॉप ने

सोशल मीडिया पर भले ही

बना लिए हजारों मित्र और

आभासी दुनिया का मज़ा लूट रहे हों

दादी की कहानियाँ

बुआ का प्यार

चाचा का घुमाने ले जाना

नाना नानी के घर छुट्टियाँ मनाना

मामा को करना परेशान

आभासी दुनिया में ये नहीं हो सकता

कुछ देर का भ्रम है

और फिर

मानसिक तनाव और मनोरोग

सोशल मीडिया से पनपते आधुनिक रिश्ते

स्थिर नहीं हैं

मेमोरी जल्दी भर जाती है

और हो ही जाते हैं डिलीट

मानव मन चंचल पंछी है

ढूँढता रहता है खुशी इस डाल उस डाल

ये भागता रहता है

जुगनू की रोशनी के पीछे

मानव के काम तो मानव ने ही आना है

मोबाइल, लैपटाप या सोशल मीडिया

सुविधा के लिए हैं

आभासी दुनिया एक भ्रम है

ये मानव रिश्तों का पर्याय नहीं हो सकते

परिचय - अर्जुन सिंह नेगी

नाम : अर्जुन सिंह नेगी पिता का नाम – श्री प्रताप सिंह नेगी जन्म तिथि : 25 मार्च 1987 शिक्षा : बी.ए., डिप्लोमा (सिविल इंजीनियरिंग), ग्रामीण विकास मे स्नातकोत्तर डिप्लोमा।l पेशा : एसजेवीएन लिमिटेड (भारत सरकार एवं हिमाचल प्रदेश सरकार का संयुक्त उपक्रम) में इंजीनियर के पद पर कार्यरत l लेखन की शुरुआत : सितम्बर, 2007 से (हिमप्रस्थ में प्रथम कविता प्रकाशित) l प्रकाशन का विवरण (समाचार पत्र व पत्रिकाएँ): दिव्य हिमाचल (समाचार पत्र), फोकस हिमाचल साप्ताहिक (मंडी,हि.प्र.), हिमाचल दस्तक (समाचार पत्र ), गिरिराज साप्ताहिक(शिमला), हिमप्रस्थ(शिमला), प्रगतिशील साहित्य (दिल्ली), एक नज़र (दिल्ली), एसजेवीएन(शिमला) की गृह राजभाषा पत्रिका “हिम शक्ति” जय विजय (दिल्ली), ककसाड, सुसंभाव्य, सृजन सरिता व स्थानीय पत्र- पत्रिकाओ मे समय- समय पर प्रकाशन, पार्वती प्रकाशन इंदौर से मई २०१६ में कविता का साँझा संग्रह 'महादेवी' प्रकशितl विधाएँ : कविता , लघुकथा , आलेख आदि प्रसारण : कवि सम्मेलनों में भागीदारी l स्थायी पता : गाँव व पत्रालय –नारायण निवास, कटगाँव तहसील – निचार, जिला – किन्नौर (हिमाचल प्रदेश) पिन – 172118 वर्तमान पता : निगमित सतर्कता विभाग , एसजेवीएन लिमिटेड, शक्ति सदन, शनान, शिमला , जिला – शिमला (हिमाचल प्रदेश) -171006 मोबाइल – 09418033874 ई - मेल :negiarjun1987@gmail.com