कविता

भारत माता दुखी हो गई

भारत माता दुखी हो गई
सुनकर अपने बच्चों की वाणी।
जो बोल रहे हैं रिश्वत जैसी गाली।
भारत माँ भी कह उठी –
“बच्चों ने किया ऐसा बुरा हाल
कि मै हो रही हूँ बेहाल।
मै थी पहले सोन चिड़इया
नेता मुझे खा गए।
अपनी भारत माँ के नाम पर
करोड़ों को यह डकार गए।”
जिस माँ की मिट्टी से जन्मे
गांधी, नेहरू और सुभाष।
उसी माँ के नाम पर
भ्रष्टाचार करते हैं कुछ जनाब।
विद्या में भी कुछ लोगों ने
मिला दिया डॉनेशन के विष का प्याला।
भारत माता परेशान है
नेताओं की जबानों से
जो सिर्फ करती खोखले वादे
उनकी भोली भाली अवामो सें।
चाँद- मंगल को छूकर हम
बन रहे है शक्तिशाली।
पर भीतर से तो है हम
बहुत बडे़ वाले भ्रष्टाचारी।
दूसरों पर इल्ज़ाम लगाते
है यहां पर ऐसे कर्मचारी।
भारत माता दुखी हो गई
सुनकर अपने बच्चों की वाणी।
जो बोल रहे हैं रिश्वत जैसी गाली।

– श्रीयांश गुप्ता

परिचय - श्रीयांश गुप्ता

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