कविता

सुस्वागतम नव वर्ष

आया है नववर्ष पुनः लेकर सपनों का भंडार, मन गागर भर उमंग छलकाए खुशियां अपार। चहूँ दिशा से बह रही आनंद संगीत सुमधुर, मुखड़े पर शोभायमान अत्यंत अप्रतिम नूर। लेकर प्रतिज्ञा नई आज चलना सच के पथ पर, छूना है व्योम की ऊंचाई होकर सवार कर्म रथ पर। आलस्य का करके त्याग प्रगति पथ पर […]

सामाजिक

फिर सदाबहार काव्यालय-9

नये साल का तराना नया है साल सुंदर-सा तराना मिलके गाना है मिली हैं जो मधुर यादें उन्हें संग लेके जाना है- न मंदिर-मस्जिद के झगड़े में अपनी ताकत खोएंगे पढ़ाकर पाठ मानवता का सारे जग को जगाना है- नहीं है भेद कोई भी सभी को एक मानेंगे सभी का एक ही दाता उसी के […]

लघुकथा

सुहाना उपाय – लघुकथा

नए साल ने दस्तक दे दी थी. प्रकृति ने सतरंगी चोला पहन लिया था. कहीं 3 डिग्री सेल्सियस तापमान ने दिल्ली को शिमला बना दिया था, तो शिमला को बर्फबारी के अद्भुत सौंदर्य से युक्त कर दिया था. सिडनी में रात 9 बजे होने वाली सुप्रसिद्ध आतिशबाजी से पहले बरखा रानी ने जमकर रसधार बरसाई […]