Monthly Archives: February 2019



  • कविता

    कविता

    सौंधी सी खुशबू आई है जरूर मेरे गाँव में बारिश आई है ! नदी कुछ उफान पर है जरूर किसी की यादों ने कयामत ढ़ाई है ! सुन री अम्मा ….. मुद्दत बाद बाजरे की रोटी...

  • भक्त-चम्मच-युद्ध (व्यंग्य)

    भक्त-चम्मच-युद्ध (व्यंग्य)

    इन दिनों देश में ‘भक्त-चम्मच- युद्ध’ छिड़ा हुआ है। भक्त अपने को सर्वश्रेष्ठ ‘भक्त-राज ‘सिद्ध करना चाह रहे हैं तो दूसरी ओर कुछ चमचों ने कमर कस ली हैं वे ही ‘चम्मच-शिरोमणि’ के पद को सुशोभित...




  • होली

    होली

    वसन्त से शुरू होते रंग होली तक गीले हो जाते टेसू के पानी में घूल जाते इत्र की खुशबू फूलों की पंखुडियों से मिश्रित रंग चढ़ जाता है विविध रंगों का हो जाता आसमाँ इंद्रधनुषी सोच...


  • सारिका भाटिया का कार्य बढ़ा

    सारिका भाटिया का कार्य बढ़ा

    निर्भेद फाउंडेशन की प्रमुख श्रीमती तरुणा को 26 जनवरी को सारिका द्वारा प्रदर्शित नाटक, सारिका और  उनकी माँ  का पढ़ाने का तरीका इतना अच्छा लगा है कि उन्हें शान्तिकुण्ड स्थित निर्भेद फाउंडेशन के प्रथम केंद्र में...