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मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति का सारस्वत समारोह

मंडला-देश की अति प्रतिष्ठित व गौरवशाली हिन्दीसेवी संस्था “श्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति” ने सरस्वती जयंती के अवसर पर मानस भवन,इंदौर मेंं आयोजित इस समारोह में मंडला के सुपरिचित कवि/लेखक व इतिहास के प्रोफेसर, मप्र साहित्य अकादमी द्वारा अखिल भारतीय पुरस्कार से अलंकृत व अनेक श्रेष्ठ कृतियों के सृजक प्रो.शरद नारायण खरे को गरिमा के साथ सारस्वत सम्मान से अलंकृत किया गया। संयोजन व संचालन श्री प्रदीप नवीन ने किया। संतोष मोहंती, हरेराम वाजपेयी आदि ने सहयोग किया। सम्मान में अलंकरण पत्र, स्मृतिचिह्न, शॉल, श्रीफल आदि को भेंट किया गया। “वीणा” पत्रिका के यशस्वी संपादक श्री राकेश शर्मा ने प्रो.शरद नारायण खरे को वीणा के अंक भेंट किए।
इस अवसर पर प्रो.शरद नारायण खरे ने अपने वक्तव्य में अपनी व अपनी जीवनसंगिनी नीलम खरे की साहित्य साधना पर प्रकाश डाला ,तथा एक से बढ़कर एक कविताएं सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस समारोह में सुप्रसिद्ध कवयित्री नीलम खरे जी को भी सम्मानित किया जाना था, पर वे अस्वस्थता के कारण शामिल नहीं हो सकीं। उनका सम्मान उनके पति प्रो.शरद नारायण खरे ने ग्रहण किया। नीलम जी की रिकॉर्डेड कविताएं सुनाई गईं, जिनमें गीतिका “चूड़ियां “को बेहद सराहा गया।
सदाशिव कौतुक, डॉ पद्मा सिंह, अरविन्द ओझा सहित अनेक साहित्यकारों की उपस्थिति रही।