शराब छोड़ दी मैंने !

अपनी ज़िंदगी में कुछ दिनों की मियाद जोड़ दी मैंने ।
आज उनकी ख़ातिर शराब छोड़ दी मैंने । ।

जिन्हें साथी सुकून का मान कर, पीता गया ज़हर ।
उन कमज़र्फ शराबों से, यारी तोड़ दी मैंने । ।

आज उनकी ख़ातिर शराब छोड़ दी मैंने !

परिचय - नीरज सचान

BHEL झाँसी में सहायक अभियंता मो. 9200012777 ईमेल - neerajsachan@bhel.in