पकवान (मनहरण घनाक्षरी)

बना कर पकवान,
गरीबों को करो दान,
भूख से न जाये जान,
भारत महान है ।

पकवान बनाकर,
अपना भी पेट भर,
खाना वो जो हितकर,
मुनियों का गान है।

क्षीर से पनीर खीर,
छानकर पीना नीर
भुखमरी देना चीर,
बने पकवान है ।

चाईनीज भोज खाये,
पेट भर रोग पाये,
वैद्य मन हरषाये,
निकट श्मशान है ।

— रामचन्द्र ममगाँई “पंकज”
देवभूमि हरिद्वार

परिचय - रामचन्द्र ममगाँई पंकज

नाम- रामचंद्र ममगाँई । साहित्यिक नाम-पंकज । जन्मतिथि- 15 मई 1996 पिता का नाम- श्री हंसराम ममगाँई। माता का नाम- श्रीमति विमला देवी। जन्म स्थान-घनसाली टिहरी गढवाल उत्तराखंड। अस्थायी पता - देवपुरा चौक हरिद्वार उत्तराखण्ड। स्थाई पता- ग्राम मोल्ठा पट्टी ढुंगमन्दार घनसाली जिला टिहरी गढ़वाल उत्तराखंड पिन को- 249181 मो.न. 9997917966 ईमेल- ramchandramamgain@gmail.com शिक्षा- शास्त्री और शिक्षाशास्त्री रचना साझा संकलन 1 अनकहे एहसास 2. एहसास प्यार का विशेष - चित् तरंगिणी त्रैमासिक पत्रिका का मुख्यसम्पादक । हिन्दी व संस्कृत के विभिन्न विषयों पर लेख व कविता अनेक पत्रिकाओं व अखबार में प्रकाशित ॥