लघुकथा

नजरिया

नेताजी ने अपना फेसबुक स्टेटस अपडेट किया । पोस्ट डाली ‘ विरोधियों के हौसले पस्त । नामी नचनिया ‘ कमली ‘ के चरणों में पूरा विपक्ष । विपक्ष अब नचनियों की पार्टी बनकर रह गई है !’ अगले दिन नेताजी को हाइकमान से जानकारी मिली ‘ कमली ‘ अपनी पार्टी जॉइन करने वाली हैं । […]

उपन्यास अंश

ममता की परीक्षा ( भाग – 55 )

ममता की परीक्षा ( भाग – 55 ) साधना बड़ी देर तक तकिए में मुँह छिपाए सिसकती रही । बाहर खटिये पर बैठे मास्टर रामकिशुन भी कुछ बेचैनी की अवस्था में बैठे हुए थे । रह रहकर उनकी नजर बरामदे में एक खूँटी से लटके लालटेन पर पड़ जाती जो कि उसका इस्तेमाल किये जाने […]

उपन्यास अंश

ममता की परीक्षा ( भाग – 54 )

ममता की परीक्षा ( भाग – 54 ) घर के लिए वापस आते हुए साधना को ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे उसके पैरों में मनों वजनी कोई भार बांध दिया गया हो । एक एक पग उठाने के लिए उसे खासी मशक्कत करनी पड़ रही थी । गाँव वाले उससे सहानुभूति के साथ दिलासा […]

उपन्यास अंश

ममता की परीक्षा ( भाग – 53 )

ममता की परीक्षा ( भाग -53 ) गोपाल साधना के साथ गाँव के नुक्कड़ पर पहुँचा जहाँ डॉक्टर बलराम सिंह की डिस्पेंसरी थी । डॉक्टर बलराम समय के पाबंद थे सो सही समय पर आ गए थे । डिस्पेंसरी के बाहर मरीजों की कतार लगी हुई थी । डॉक्टर बलराम अंदर के हिस्से में किसी […]

उपन्यास अंश

ममता की परीक्षा ( भाग -52 )

ममता की परीक्षा ( भाग – 52 ) दोनों के बीच हो रही बातचीत से साधना खुद को असहज महसूस कर रही थी । उसे गोपाल की बातों को सुनकर बड़ा आश्चर्य व दुःख भी हो रहा था । गोपाल की बातों से वह कत्तई सहमत नहीं थी । उसका मानना था ‘ माँ चाहे […]

उपन्यास अंश

ममता की परीक्षा ( भाग – 51 )

ममता की परीक्षा ( भाग -51 ) जमनादास को पानी और एक कटोरे में गुड़ की डली देने के बाद साधना भी वहीँ उनके सामने ही जमीन पर बैठ गई । जमनादास उसको देखता ही रह गया । शहर में उसने साधना को देखा था । सलवार सूट और करीने से दुपट्टा लिये हुए और […]

उपन्यास अंश

ममता की परीक्षा ( भाग – 50 )

ममता की परीक्षा ( भाग – 50 ) परबतिया की धीमी आवाज के बावजूद साधना को किसी हलचल का अहसास हो गया था और उसके जिस्म में हलकी सी हरकत हुई । उसने धीमे से अपनी आँखें खोल दीं ! सामने ही गोपाल खड़ा था , हैरान परेशान साधना की चिंता में डूबा हुआ गम […]

उपन्यास अंश

ममता की परीक्षा ( भाग – 49 )

  गोपाल और साधना की शादी को लगभग एक महीना हो चुका था । गोपाल रोज सुबह जल्दी उठता और आँगन में ही नहाधोकर तैयार हो जाता और पैदल ही स्कूल पहुँच जाता । खुद खड़े होकर बच्चों से स्कूल की साफ़ सफाई करवा देता । आज एक महीने में उसने स्कूल के साथ ही […]

कविता

क्यो छीना लाल मेरा

 क्यो छीना लाल मेरा ****************   नन्हें नन्हें कदमों ने दी चिता को आग है वो सिंदूरी कोपलों की आँखों में ढ़रकती सुहाग है वो तू सुन माओं की चीख अनुराग है वो जीना लानत है हराम तेरा तू देख कयामत तक पीछा, तेरा करेंगी ये मॉओं की चीखें नन्हे बच्चे की आह! कब्र में […]

गीत/नवगीत

प्रेम गीत❤🎶

    प्रेम गीत❤🎶❤🎶❤🎶❤🎶       मांगता हूँ मैं शिवा से , साथ तेरा ओ प्रिये जिंदगी की सांस मेरी , मीत है तेरे लिये थाम के तू हाथ मेरा , जिंदगी की चल डगर मै मुसाफिर हूँ सफर का, तुम बनो अब हमसफ़र   दे रहें अब शिव गवाही, सुन हमारे प्यार की […]