कविता

दर्द दे गया

दर्द दे गया जिन्दगी में वो इस कदर अब तो बस इस दिल में वीरानगी रह गई। तेरी बेवफाई के गम के इतने सताये हुये है कि सारी खुशियाँ धरी की धरी रह गई। बेबस किया है तेरी जुदाई ने इतना मेरी आंखों की पोरों पर बस नमी रह गई। लौटकर आने की जुस्तजु लिये […]

कविता

चरित्र

डूब रही थी जब एक नैया बीच धार एक तूफानी रात, लगी जाकर किनारे तब तूफानों ने दिया उसका साथ। पूछा नैया से तब किनारे ने मित्र पतवार क्यों छोड़ा हाथ, जिस पर भरोसा किया तुमने दगा किया उसने तुम्हारे साथ। कहा नैय्या ने किनारे से यही दुनिया यही है दस्तूर, कोई नहीं हाथ बढ़ाता […]

अन्य लेख

गौरैया रानी, बड़ी सयानी

रोज की तरह आज भी गौरैया रानी आई थी और ”गौ-गौ” कर रही थी. ”गौरैया रानी, ”गौ-गौ” क्यों कर रही हओ?” हमने पूछा. ””गौ-गौ” का मतलव गौरैया आ गई है और बहुत-से फटाक-फटाक समाचार लाई है.” गौरैया ने कहा. ”अरे, तुमने फटाक-फटाक समाचार भी पढ़ लिये थे क्या?” हमारा आश्चर्यचकित होना स्वाभाविक ही था. ”और […]

कविता

ये शब्द भी क्या चीज़ हैं

ये शब्द भी क्या चीज़ हैं अपनी धुन में खेलते जा रहे हैं मैं क्या लिखूँ, किस पर लिखूँ लोग लिख चुके हैं, लिखते जा रहे हैं शब्द वर्णमाला के वही हैं अलग अलग रूप धारण कर भावनाएँ दर्शा रहे हैं कभी वीरता बघार रहे हैं कभी भय से रिरिया रहे हैं कभी चोट पहुँचा […]

बाल कविता

लल्ला जी का स्कूल

लल्ला जी स्कूल में पहुंचे लिए हाथ में तख्ती एंटर किये क्लास में दिखलाई टीचर ने सख्ती लल्ला जी हो गए थे क्लास पहुँचने में कुछ लेट यही शुकर भगवान का खुला हुआ था तब तक गेट टीचर जी से जा कर के सीधे ही किया प्रणाम माताजी बीमार हैं अब तक आया न आराम। […]

कविता

समय

टिक टिक करती समय की सुइयां कब देती हैं साथ । कितना दौडो भागो पीछे हाथ आये बस काश । कभी दर्द के कांटे छलनी मन कर जातें हैं । मुड़कर देखो अगर जरा  ये हमें चिढ़ाते हैं । वक्त करे घाव यूँ गहरे कब वो भर पाते ।  खुशियों के पल हवा हुए कब […]

कविता

कब आओगे तुम

कब आओगे तुम महफ़िल में बात हो रही है मोहब्बत की, मेरे ज़हन में तुम आ गए हो । मोहब्ब्त की गर्म चर्चा में तुम ही तुम हो , बनके अश्रु आंखों में आये हो । आँसू बन तुम सबके सामने आते बाहर , मैं उनको छुपाए चली आई । मैं आ गई वहाँ पर […]

लघुकथा

दिल चाहता है।

पुरुष उत्पीड़न ! दिल चाहता है। पूनम और रवि की शादी को अभी एक महीना भी नहीं हुआ था कि अलगाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। रवि समझ नहीं पा रहा था कि वो क्या करे??? पूनम और अपनी ममी में बात-बात पर तकरार को देखकर वो बहुत बार प्यार से ममी को भी […]

आत्मकथा

डांसिंग फ्लोर की अभिलाषा

डांसिंग फ्लोर की अभिलाषा ‘कितनी बेरहमी से कुचला है, जगह जगह चोट लगी है, कई जगह से फट गया है’ पट्टी लगाते लगाते मोहन कह रहा था। ‘तुम्हें तनिक भी दर्द नहीं होता, इतनी पीड़ा, पर कैसे झेल लेते हो इतना सब कुछ’ मोहन ने डांसिंग फ्लोर पर पट्टी लगाते हुए पूछा। डांसिंग फ्लोर मोहन […]

हास्य व्यंग्य

चुनाव की गुणा गणित बराबर भिन्न

इन दिनों पूरे देश में चुनावी महौल धीरे धीरे पांव पसार रहा है। वहीं चुनावी मैदान में कूदे भांति-भांति के प्रत्याशी जनता के दर्शन के लिये अपने -अपनेे तीर्थ की अथक परिक्रमा लगाने में जुटे हैं, किसी किसी मे तो धर्म की भावना इतनी प्रगाढ है कि इस पुन्य कार्य में पूरा कुनबा ही हाथ […]